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पत्रकार को पीट दिया इस मंत्री ने, विपक्ष ने मंत्री की बर्खास्तगी की मांग की
Authored By: सतीश झा
Published On: Monday, September 15, 2025
Last Updated On: Monday, September 15, 2025
बिहार की सियासत में उस समय तूफान मच गया जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की कैबिनेट के मंत्री जीवेश मिश्रा (Jivesh Mishra) पर पत्रकार से मारपीट कराने और खुद हमले में शामिल रहने का गंभीर आरोप लगाया. तेजस्वी यादव ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि मंत्री मिश्रा ने सड़क की खराब स्थिति पर सवाल पूछने वाले पत्रकार धीरज (Dhiraj) पर हमला करवाया. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है.
Authored By: सतीश झा
Last Updated On: Monday, September 15, 2025
Minister Assaults Journalist: तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने दरभंगा पहुंचकर पीड़ित पत्रकार को अपने साथ थाने ले जाकर मंत्री जीवेश मिश्रा (Jivesh Mishra) के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने एलान किया कि यदि पुलिस कार्रवाई नहीं करती तो वे चक्का जाम करेंगे. विपक्ष के हमले के बाद अब यह मामला सियासी तूल पकड़ चुका है. उन्होंने कहा, “दरभंगा में हमें खुद जाकर FIR दर्ज करानी पड़ी. यह स्थिति बताती है कि राज्य में अराजकता किस हद तक फैल चुकी है कि नेता प्रतिपक्ष को भी FIR कराने के लिए थाने जाना पड़ रहा है. तेजस्वी यादव ने आगे कहा, “2005 से पहले भी हालात इतने बदतर नहीं थे. आज पत्रकारों को खुलेआम गाली दी जा रही है और उनकी पिटाई की जा रही है. सरकार ने गुंडों को मंत्री बना रखा है. ऐसे लोग बिहार के हित और भलाई के बारे में कैसे सोच सकते हैं?”
जहां तेजस्वी यादव मंत्री की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं, वहीं राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठने लगा है कि नीतीश कुमार इस पूरे प्रकरण पर क्या रुख अपनाएंगे ?
बिहार में अराजकता का आरोप
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि जीवेश मिश्रा पर पहले से ही नकली दवा बेचने का मामला दर्ज है, इसके बावजूद उन्हें कैबिनेट में जगह दी गई. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जाले विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर रहे थे, उसी दौरान मंत्री ने पत्रकार पर जानलेवा हमला करवाया. तेजस्वी ने सवाल उठाया, क्या यही कानून-व्यवस्था है जिस पर सरकार गर्व करती है?
पत्रकारों को सवाल करने का हक़
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि जब युवा पत्रकार धीरज ने सड़क निर्माण को लेकर मंत्री जीवेश मिश्रा से सवाल किया, तो उनके समर्थकों ने खुलेआम उसकी पिटाई कर दी. वायरल वीडियो में कथित तौर पर मंत्री मिश्रा खुद पुलिसकर्मियों से कहते दिखाई दे रहे हैं, “पीटो इसको”. यह घटना पूरे राज्य में चर्चा का बड़ा विषय बन गई है. तेजस्वी यादव ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सिर्फ एक पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा पर सीधा प्रहार है.
कानून का राज खत्म
तेजस्वी यादव ने बताया कि पीड़ित पत्रकार जब अपनी शिकायत लेकर थाने पहुंचे, तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने से इनकार कर दिया. उन्होंने तीखे लहजे में कहा, “गरीब को शराब के नाम पर जेल भेज दिया जाता है, लेकिन जब मंत्री खुद अपराध करते हैं तो उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती. क्या बिहार में कानून का राज खत्म हो गया है? क्या इस पत्रकार को न्याय मिलेगा?”
भाजपा-जेडीयू का गुंडा राज, मुख्यमंत्री कोमा में
मंत्री जीवेश मिश्रा पर लगे आरोपों को लेकर अब राजद (RJD) नेता और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) ने सीधा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एनडीए सरकार पर निशाना साधा है. तेज प्रताप यादव ने कहा, “यह भाजपा और जेडीयू का गुंडा राज है. मंत्री खुलेआम पत्रकारों को पीट रहे हैं और सरकार चुप है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूरी तरह असहाय हो चुके हैं. वे कोमा में जा चुके हैं, अब उनसे सरकार नहीं चल रही है.”
तेज प्रताप के इस बयान ने विपक्ष के हमलों को और तेज कर दिया है. इससे पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी मंत्री मिश्रा की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग कर चुके हैं.
मंत्री और जेडीयू का जवाब
इस पूरे विवाद पर मंत्री जीवेश मिश्रा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया. उन्होंने कहा, “मेरे खिलाफ विपक्ष सस्ती राजनीति कर रहा है. मैंने किसी पत्रकार पर हमला नहीं किया. यह एक राजनीतिक साज़िश है, जिससे मेरी छवि खराब की जा रही है.”
वहीं जेडीयू नेताओं ने भी विपक्ष के आरोपों को आधारहीन बताया. पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि विपक्ष मुद्दों के अभाव में बेबुनियाद बयानबाजी कर रहा है. जेडीयू ने यह भी साफ किया कि यदि किसी तरह की शिकायत दर्ज होती है तो कानून अपना काम करेगा और जांच निष्पक्ष रूप से होगी.
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