होमबायर्स की पहली पसंद 3BHK, 48% खरीदारों ने चुना बड़ा घर, जानिए बजट
Authored By: Galgotias Times Bureau
Published On: Thursday, September 24, 2026
Updated On: Thursday, September 24, 2026
3BHK Homes अब होमबायर्स की पसंद में सबसे आगे नजर आ रहे हैं. एक नए प्रॉपर्टी मार्केट ट्रेंड के मुताबिक, 48% खरीदारों ने 3BHK को अपनी पहली पसंद बताया है. वहीं 90 लाख से 1.5 करोड़ रुपये का बजट घर खरीदने वालों के बीच सबसे लोकप्रिय बना हुआ है. आखिर बड़े घरों की मांग क्यों बढ़ रही है और होमबायर्स किन सुविधाओं को ज्यादा महत्व दे रहे हैं, जानिए पूरी रिपोर्ट.
Authored By: Galgotias Times Bureau
Updated On: Thursday, September 24, 2026
3BHK Homes: भारतीय होमबायर्स की पसंद तेजी से बड़े और प्रीमियम घरों की ओर बढ़ रही है. हाल में जारी एनारॉक कंज्यूमर सेंटीमेंट सर्वे-H1 2026 के अनुसार, 48% होमबायर्स ने 3BHK को अपनी पहली पसंद बताया है. वहीं, 34% खरीदारों ने 90 लाख से 1.5 करोड़ रुपये के बजट को प्राथमिकता दी. 4BHK और उससे बड़े घरों की मांग में भी बढ़ोतरी हुई है. इससे संकेत मिलता है कि खरीदार अब ज्यादा स्पेस, बेहतर सुविधाओं और आराम के लिए अधिक खर्च करने को तैयार हैं.
एनारॉक का यह सर्वे 14 शहरों में 23 से 77 वर्ष की उम्र के 8,320 लोगों के बीच किया गया. सर्वे में घर के आकार, बजट, खरीदारी के इरादे और रियल एस्टेट में निवेश से जुड़ी प्राथमिकताओं को शामिल किया गया है.
3BHK सबसे आगे, 4BHK की मांग भी बढ़ी
सर्वे के अनुसार, 48% उत्तरदाताओं ने 3BHK को अपनी पहली पसंद बताया. इसके बाद 38% लोगों ने 2BHK को प्राथमिकता दी. वहीं, 4BHK और उससे बड़े घरों की मांग बढ़कर करीब 5% हो गई, जो H1 2024 में करीब 3% थी.
शहरों के हिसाब से अहमदाबाद में 3BHK की पसंद सबसे ज्यादा 57% रही. इसके बाद चेन्नई और दिल्ली-NCR में 53-53% और हैदराबाद में 52% लोगों ने 3BHK को पसंद किया. बेंगलुरु और कोलकाता में यह आंकड़ा 46-46%, जबकि पुणे में 47% रहा. MMR में 39% के साथ 3BHK की पसंद सबसे कम रही.
90 लाख से 1.5 करोड़ रुपये का बजट सबसे लोकप्रिय
बड़े घरों की बढ़ती मांग के साथ होमबायर्स का बजट (home buyers preference)भी ऊपर जा रहा है. सर्वे में 34% लोगों ने 90 लाख से 1.5 करोड़ रुपये के बजट को प्राथमिकता दी. वहीं, 27% खरीदार 1.5 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाले घरों की ओर देख रहे हैं.
इसके उलट, 45 लाख रुपये से कम कीमत वाले घरों की पसंद पिछले कुछ वर्षों में कम हुई है. इससे पता चलता है कि बढ़ती कीमतों के बावजूद खरीदार ज्यादा जगह, बेहतर लोकेशन और सुविधाओं वाले घरों के लिए अधिक बजट रखने को तैयार हैं.
एनारॉक ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी के मुताबिक, H1 2026 के आंकड़े हाउसिंग डिमांड में प्रीमियम सेगमेंट की ओर बने हुए रुझान को दिखाते हैं. 3BHK की मजबूत पसंद और 4BHK व उससे बड़े घरों में बढ़ती दिलचस्पी से पता चलता है कि खरीदार ज्यादा जगह और बेहतर क्वालिटी को प्राथमिकता दे रहे हैं. उनके मुताबिक, इस ट्रेंड को मुख्य रूप से एंड-यूजर्स आगे बढ़ा रहे हैं.
डेवलपर्स भी मान रहे बड़े घरों की बढ़ती मांग
व्हाइटलैंड कॉरपोरेशन के डायरेक्टर-स्ट्रेटजी सुदीप भट्ट के मुताबिक, बड़े घरों की बढ़ती पसंद आज के होमबायर्स की बदलती जरूरतों और आकांक्षाओं को दिखाती है. दिल्ली-NCR (Delhi NCR) में 53% लोगों की 3BHK पसंद बताती है कि खरीदार ज्यादा स्पेस, आराम और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर घर चुन रहे हैं.
उनके अनुसार, गुरुग्राम-NCR में भी यह बदलाव बड़े और बेहतर तरीके से डिजाइन किए गए घरों की मांग में दिखाई दे रहा है. व्हाइटलैंड के वेस्टिन रेजिडेंस में बड़े 4BHK कॉन्फिगरेशन की ओर बढ़ता रुझान इसका उदाहरण है. खरीदार अब सिर्फ ज्यादा स्क्वायर फुटेज नहीं देख रहे, बल्कि प्राइवेसी, प्रीमियम सुविधाएं, सर्विस और लंबे समय की वैल्यू को भी महत्व दे रहे हैं.
पायनियर अर्बन लैंड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट ऋषभ पेरीवाल कहते हैं कि बड़े घरों की बढ़ती मांग आधुनिक शहरी जीवन की बदलती जरूरतों का संकेत है. दिल्ली-NCR ((Delhi NCR) में 3BHK को 53% लोगों की पसंद मिलना बताता है कि परिवार अब ज्यादा जगह, बेहतर सुविधा और आराम वाले घरों की तलाश कर रहे हैं.
उनके मुताबिक, गुरुग्राम में होमबायर्स ऐसे घरों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जहां बड़े लिविंग स्पेस के साथ प्रीमियम सुविधाएं और बेहतर लाइफस्टाइल मिले. ज्यादा कीमत वाले घरों की बढ़ती स्वीकार्यता यह भी दिखाती है कि एंड-यूजर्स अपने रहने के माहौल को बेहतर बनाने के लिए अधिक खर्च करने को तैयार हैं.
कार्यन ग्रुप के डायरेक्टर वरुण गर्ग कहते हैं कि बड़े घरों की बढ़ती पसंद NCR के होमबायर्स की बदलती सोच को दिखाती है. 3BHK की मजबूत मांग से पता चलता है कि खरीदार अब घर में ज्यादा स्पेस, आराम और अपनी जरूरत के मुताबिक इस्तेमाल की सुविधा को ज्यादा महत्व दे रहे हैं.
वरुण गर्ग के अनुसार, गाजियाबाद में भी एंड-यूजर्स बड़े और बेहतर तरीके से प्लान किए गए घरों में अपग्रेड करना चाहते हैं. ज्यादा कीमत वाले घरों की ओर बढ़ता रुझान लोगों की बदलती लाइफस्टाइल जरूरतों को दर्शाता है. ऐसे में डेवलपर्स के लिए सिर्फ बड़ा घर तैयार करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि बेहतर डिजाइन, उपयोगिता और लंबे समय तक आराम देने वाले घरों पर भी ध्यान देना होगा.
बढ़ती कीमतों के बावजूद खरीदारी की योजना बरकरार
घरों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बावजूद बड़ी संख्या में खरीदार अपनी खरीदारी की योजना पर कायम हैं. सर्वे में 65% उत्तरदाताओं ने मौजूदा कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर कम से कम मध्यम स्तर की चिंता जताई, जबकि 40% लोगों का मानना है कि कीमतों में तेजी लंबे समय तक जारी रह सकती है.
इसके बावजूद 44% खरीदार अपनी तय योजना के मुताबिक घर खरीदने की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं. वहीं, 38% लोग खरीदारी में कुछ समय की देरी कर सकते हैं और 18% लोग इसे अनिश्चित समय के लिए टालने या खरीदारी रद्द करने पर विचार कर रहे हैं.
खरीदारी टालने या रद्द करने वालों के लिए अफोर्डेबिलिटी सबसे बड़ी चुनौती है. 44% लोगों ने इसे मुख्य कारण बताया. इसके बाद 32% लोगों ने अपने बजट में उपलब्ध प्रॉपर्टी के सीमित विकल्पों को वजह बताया.
बढ़ती कीमतों से प्रभावित खरीदार अब शहर के बाहरी इलाकों में प्रॉपर्टी तलाश रहे हैं, खरीदारी का समय आगे बढ़ा रहे हैं या कुछ समय के लिए किराये के घर में रहने का विकल्प चुन रहे हैं. यानी कीमतों में बढ़ोतरी से घर खरीदने की इच्छा पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, बल्कि खरीदार अपनी लोकेशन, बजट और खरीदारी के समय में बदलाव कर रहे हैं.
एंड-यूजर्स से बनी हुई है हाउसिंग डिमांड
सर्वे में शामिल 68% लोग अपने इस्तेमाल के लिए घर खरीद रहे हैं, जबकि 32% लोग निवेश के उद्देश्य से प्रॉपर्टी खरीदना चाहते हैं. इससे पता चलता है कि रेजिडेंशियल रियल एस्टेट की मांग का बड़ा हिस्सा वास्तविक आवासीय जरूरतों से जुड़ा हुआ है.
सर्वे में यह भी सामने आया कि खरीदार घर को लंबे समय के वित्तीय एसेट के रूप में देख रहे हैं. 77% उत्तरदाताओं ने किराये से होने वाली आय को महत्वपूर्ण या बहुत महत्वपूर्ण माना. वहीं, 67% लोगों ने संभावित रीसेल वैल्यू को महत्वपूर्ण या बहुत महत्वपूर्ण बताया.
न्यू लॉन्च प्रोजेक्ट्स का बढ़ा आकर्षण
बड़े घरों की बढ़ती पसंद का असर नए प्रोजेक्ट्स पर भी दिखाई दे रहा है. सर्वे में करीब 34% उत्तरदाताओं ने न्यू लॉन्च प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दी, जबकि 18% लोगों ने रेडी-टू-मूव-इन घरों को पसंद किया.
H1 2022 में न्यू लॉन्च प्रोजेक्ट्स को 25% और रेडी-टू-मूव घरों को 30% लोगों ने प्राथमिकता दी थी. नए प्रोजेक्ट का चयन करते समय डेवलपर की साख सबसे अहम कारक रही, जिसे 34% लोगों ने प्राथमिकता दी. इसके बाद 21% लोगों ने शुरुआती कीमत में मिलने वाले फायदे को महत्वपूर्ण माना.
निवेश के लिए रियल एस्टेट अब भी पहली पसंद
निवेश के विकल्प के तौर पर रियल एस्टेट अब भी मजबूत स्थिति में है. सर्वे में 60% उत्तरदाताओं ने रियल एस्टेट को निवेश के लिए पसंद किया. इसके मुकाबले 20% लोगों की पसंद शेयर बाजार, 11% की गोल्ड और 9% की फिक्स्ड डिपॉजिट रही.
सर्वे में यह भी सामने आया कि रियल एस्टेट के अलावा दूसरे एसेट्स में निवेश करने वाले 44% उत्तरदाताओं की योजना भविष्य में अपने निवेश से होने वाले लाभ का इस्तेमाल घर खरीदने के लिए करने की है.
कुल मिलाकर, एनारॉक का सर्वे बताता है कि भारतीय होमबायर्स की प्राथमिकताएं बदल रही हैं. खरीदार अब सिर्फ घर की कीमत नहीं देख रहे, बल्कि ज्यादा स्पेस, बेहतर डिजाइन, सुविधाएं, लोकेशन, डेवलपर की साख और भविष्य की वैल्यू को भी महत्व दे रहे हैं. बढ़ती कीमतों के बावजूद बड़े और प्रीमियम घरों की मांग बनी हुई है, हालांकि अफोर्डेबिलिटी अब भी खरीदारों के लिए बड़ी चुनौती है
Written By: Ritu Rana
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