क्या है MIDH स्कीम? बागवानी किसानों की कमाई बढ़ाने वाली योजना, जानिए कैसे मिलता है आर्थिक और तकनीकी सहयोग
Authored By: Nishant Singh
Published On: Wednesday, July 29, 2026
Updated On: Wednesday, July 29, 2026
MIDH Scheme: MIDH योजना के जरिए सरकार बागवानी किसानों को आर्थिक सहायता, आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रशिक्षण उपलब्ध करा रही है. पॉलीहाउस, शेडनेट हाउस जैसी सुविधाओं पर अनुदान के साथ विशेषज्ञ मार्गदर्शन भी मिलता है. इसका उद्देश्य कम लागत में बेहतर उत्पादन बढ़ाना और किसानों की आय को स्थायी रूप से मजबूत बनाना है
Authored By: Nishant Singh
Updated On: Wednesday, July 29, 2026
MIDH Scheme: देश में किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभदायक बनाने के लिए सरकार लगातार नई योजनाएं चला रही है. इन्हीं प्रयासों में एक महत्वपूर्ण योजना है मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH). यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण और वैज्ञानिक खेती के तरीकों से भी जोड़ती है. इसका उद्देश्य पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी और व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देकर किसानों की आमदनी में स्थायी वृद्धि करना है.
क्या है MIDH योजना?
MIDH यानी मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर एक ऐसी योजना है, जिसके माध्यम से फल, सब्जी, फूल, मसाले और अन्य बागवानी फसलों की खेती को प्रोत्साहित किया जाता है. इस योजना के तहत किसानों को आधुनिक खेती अपनाने, बेहतर उत्पादन करने और नई तकनीकों का उपयोग करने के लिए आर्थिक एवं तकनीकी सहायता प्रदान की जाती है. इससे खेती की लागत कम करने और उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाने में मदद मिलती है.
प्रशिक्षण से बदल रही खेती की तस्वीर
योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा किसानों को प्रशिक्षण देना है. इसके लिए देशभर में 61 विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं. इन केंद्रों पर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उच्च गुणवत्ता वाले पौधों, उन्नत बीजों और संरक्षित खेती की जानकारी दी जाती है. कई केंद्र भारत-इजरायल और भारत-नीदरलैंड सहयोग से विकसित किए गए हैं, जहां व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाता है. इससे किसान नई तकनीकों को आसानी से अपनाकर बेहतर परिणाम हासिल कर रहे हैं.
कई संस्थानों से मिलता है विशेषज्ञ सहयोग
MIDH योजना के प्रभावी संचालन के लिए कई संस्थान मिलकर काम करते हैं. राज्य बागवानी मिशन, तकनीकी सहायता समूह (TSG), सटीक कृषि विकास केंद्र (PFDC), उत्कृष्टता केंद्र (CoE), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), राज्य कृषि विश्वविद्यालय और कृषि विज्ञान केंद्र किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण उपलब्ध कराते हैं. इन संस्थानों की मदद से किसान नई खेती तकनीकों को समझकर कम लागत में अधिक उत्पादन कर पा रहे हैं.
योजना के तहत किसानों को मिलने वाले प्रमुख लाभ
- पॉलीहाउस और शेड नेट हाउस बनाने के लिए वित्तीय सहायता.
- प्लास्टिक टनल और संरक्षित खेती के अन्य ढांचों पर अनुदान.
- आधुनिक बागवानी तकनीकों का प्रशिक्षण.
- उच्च गुणवत्ता वाले पौधों और उन्नत किस्मों की जानकारी.
- कम लागत में अधिक उत्पादन की तकनीक.
- उत्पादन की गुणवत्ता और बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में सहयोग.
- वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए विशेषज्ञों का मार्गदर्शन.
सरकार का फोकस बढ़ती आय और आधुनिक खेती पर
केंद्र सरकार का मानना है कि भविष्य की खेती केवल पारंपरिक तरीकों से नहीं, बल्कि तकनीक आधारित मॉडल से आगे बढ़ेगी. इसी सोच के तहत MIDH योजना के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि उपकरणों, संरक्षित खेती और वैज्ञानिक पद्धतियों से जोड़ा जा रहा है. संसद में भी सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस योजना का उद्देश्य बागवानी क्षेत्र को मजबूत बनाना, किसानों की आय बढ़ाना और खेती को अधिक लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करना है. यदि किसान इस योजना का सही ढंग से लाभ उठाते हैं, तो वे कम संसाधनों में भी बेहतर उत्पादन और अधिक मुनाफा हासिल कर सकते हैं.
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