9वीं के बच्चों को पढ़ाया जाएगा इमरजेंसी का इतिहास, NCERT ने बदली किताबें, सिलेबस में बड़ा फेरबदल

Authored By: Nishant Singh

Published On: Thursday, June 25, 2026

Updated On: Thursday, June 25, 2026

Emergency History in Class 9 included in NCERT syllabus. New NCERT Class 9 history curriculum changes.

Emergency: अब 9वीं कक्षा के छात्र भी इमरजेंसी, लोकतंत्र और मौलिक अधिकारों के इतिहास को पढ़ेंगे. NCERT की नई सामाजिक विज्ञान पुस्तक में आपातकाल, जयप्रकाश आंदोलन और मीडिया की भूमिका को शामिल किया गया है. नई शिक्षा नीति के तहत सिलेबस में कई बड़े बदलाव किए गए हैं.

Authored By: Nishant Singh

Updated On: Thursday, June 25, 2026

Emergency History in Class9: देशभर के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए इतिहास और सामाजिक विज्ञान की पढ़ाई का तरीका बदलने जा रहा है. राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने नई शिक्षा नीति के तहत 9वीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं. सबसे चर्चित बदलाव यह है कि अब छात्रों को 1975 में लागू हुए आपातकाल (इमरजेंसी) के बारे में 9वीं कक्षा से ही पढ़ाया जाएगा. अब तक यह विषय मुख्य रूप से 11वीं और 12वीं कक्षा के राजनीतिक विज्ञान पाठ्यक्रम का हिस्सा था.

आखिर क्या थी इमरजेंसी, जिसे अब बच्चे शुरुआती कक्षाओं में जानेंगे?

25 जून 1975 की रात भारत में आपातकाल लागू किया गया था. यह अवधि लगभग 21 महीने तक चली और इसे भारतीय लोकतंत्र के सबसे विवादित दौरों में से एक माना जाता है. इस दौरान कई मौलिक अधिकारों पर प्रतिबंध लगाए गए थे और राजनीतिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा था. नई किताब में छात्रों को बताया जाएगा कि आपातकाल क्यों लगाया गया, इसका आम लोगों के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ा और लोकतांत्रिक व्यवस्था के सामने किस तरह की चुनौतियां खड़ी हुईं.

किताब में मिलेगा जयप्रकाश आंदोलन और मीडिया की भूमिका का जिक्र

नई पाठ्यपुस्तक में सिर्फ इमरजेंसी की घटनाओं का वर्णन नहीं होगा, बल्कि उस समय हुए जनआंदोलनों और लोकतंत्र की रक्षा के प्रयासों को भी समझाया जाएगा. विशेष रूप से लोकनायक जयप्रकाश नारायण के आंदोलन का उल्लेख किया गया है. इसके साथ ही छात्रों को यह भी बताया जाएगा कि लोकतंत्र में मीडिया को चौथा स्तंभ क्यों कहा जाता है और संकट के समय उसकी भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है.

नई शिक्षा नीति के अनुसार तैयार हुआ नया पाठ्यक्रम

NCERT की नई पुस्तक राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा के अनुरूप तैयार की गई है. इसका उद्देश्य केवल तथ्यों को याद करवाना नहीं, बल्कि छात्रों में विश्लेषणात्मक सोच विकसित करना है. नई किताब समाज, इतिहास, भूगोल और लोकतंत्र को एक-दूसरे से जोड़कर समझाने की कोशिश करती है, ताकि विद्यार्थी घटनाओं के पीछे के कारणों और उनके प्रभावों को भी समझ सकें.

इतिहास की किताबों से हटे कई पुराने अध्याय

नए पाठ्यक्रम में कुछ अंतरराष्ट्रीय विषयों को सीमित किया गया है. फ्रांसीसी क्रांति, रूसी क्रांति, यूरोप में समाजवाद, नाजीवाद और उपनिवेशवाद जैसे अध्याय अब पहले की तरह प्रमुखता से शामिल नहीं होंगे. इसके बजाय भारतीय इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन सभ्यताओं को अधिक महत्व दिया गया है.

हड़प्पा से लेकर मिस्र तक, सभ्यताओं की नई यात्रा

नई पुस्तक में हड़प्पा, मेसोपोटामिया, मिस्र और चीन जैसी प्राचीन सभ्यताओं का विस्तृत परिचय दिया गया है. छात्र इन सभ्यताओं के विकास, सामाजिक व्यवस्था, कृषि पद्धतियों और तकनीकी उपलब्धियों के बारे में जानेंगे. साथ ही सुमेरियन सभ्यता की सिंचाई व्यवस्था और नगर निर्माण की जानकारी भी पाठ्यक्रम का हिस्सा होगी.

किताबों से बाहर की दुनिया भी समझेंगे छात्र

पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान परंपरा और प्रकृति से जुड़े विषयों को भी शामिल किया गया है. पंचमहाभूत की अवधारणा के माध्यम से छात्रों को समझाया जाएगा कि मानव जीवन और प्रकृति का रिश्ता कितना गहरा है. इसके अलावा “लैंडस्लाइड” जैसे अध्यायों के जरिए प्राकृतिक आपदाओं और उनसे बचाव के तरीकों की जानकारी भी दी जाएगी.

बदलती शिक्षा, बदलती सोच

NCERT का यह नया कदम केवल पाठ्यक्रम परिवर्तन नहीं, बल्कि शिक्षा की दिशा बदलने की कोशिश माना जा रहा है. अब छात्र सिर्फ इतिहास की घटनाएं नहीं पढ़ेंगे, बल्कि लोकतंत्र, अधिकारों, जिम्मेदारियों और समाज की वास्तविक चुनौतियों को भी समझ सकेंगे. इमरजेंसी जैसे महत्वपूर्ण अध्याय को 9वीं कक्षा में शामिल करना इसी बदलाव की एक बड़ी मिसाल है.

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About the Author: Nishant Singh
निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
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