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राज्यसभा में 9 नए सांसदों की एंट्री, मॉनसून सत्र की शुरुआत के साथ बदला सदन का समीकरण
Authored By: Nishant Singh
Published On: Monday, July 20, 2026
Last Updated On: Monday, July 20, 2026
Monsoon Session: संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन राज्यसभा में 9 नवनिर्वाचित सदस्यों ने शपथ ली. इनमें भाजपा, कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के प्रतिनिधि शामिल हैं. नए सदस्यों के शामिल होने से सदन का राजनीतिक समीकरण बदला है और आगामी महत्वपूर्ण विधेयकों पर उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Monday, July 20, 2026
Monsoon Session: संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत के साथ ही राज्यसभा में नए सदस्यों का स्वागत हुआ. पहले ही दिन विभिन्न राज्यों से निर्वाचित 9 सांसदों ने शपथ लेकर उच्च सदन की सदस्यता ग्रहण की. राज्यसभा के सभापति एवं उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने सभी सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इसके साथ ही इन सांसदों ने आधिकारिक रूप से अपने संसदीय कार्यकाल की शुरुआत कर दी. माना जा रहा है कि इन नए सदस्यों की मौजूदगी से आगामी विधायी कार्यवाही में नई सक्रियता देखने को मिलेगी.
कई राज्यों से पहुंचे नए प्रतिनिधि
इस बार राज्यसभा में गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, मेघालय और मिजोरम से नए सदस्य पहुंचे हैं. इनमें राष्ट्रीय दलों के साथ-साथ क्षेत्रीय दलों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं. भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं के शपथ लेने से सदन में पार्टी की उपस्थिति और मजबूत होती दिखाई दे रही है. वहीं कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों को भी नए प्रतिनिधित्व का अवसर मिला है, जिससे विभिन्न राज्यों की आवाज सदन में और व्यापक रूप से सुनाई देगी.
राज्यसभा में शपथ लेने वाले नए सदस्य
| राज्य | सांसद का नाम | राजनीतिक दल |
|---|---|---|
| गुजरात | मुकेशभाई जे. राठवा | भारतीय जनता पार्टी (BJP) |
| कर्नाटक | पवन खेड़ा | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
| मध्य प्रदेश | महेश केवट | भारतीय जनता पार्टी (BJP) |
| राजस्थान | सतीश पूनिया | भारतीय जनता पार्टी (BJP) |
| मेघालय | जेम्स सांगमा | नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) |
| मिजोरम | खियांग्ते लालतलुआंगकिमा | क्षेत्रीय दल |
| पश्चिम बंगाल | प्रकाश चिक बड़ाइक | भारतीय जनता पार्टी (BJP) |
| पश्चिम बंगाल | सुष्मिता देव | सदस्य के रूप में शपथ |
| पश्चिम बंगाल | सुखेंदु शेखर राय | सदस्य के रूप में शपथ |
क्या बदल सकता है राज्यसभा का गणित?
नए सदस्यों के शपथ ग्रहण के बाद राज्यसभा की राजनीतिक तस्वीर में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं. सबसे अधिक नए सदस्य भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हैं, जिससे सदन में उसकी ताकत बढ़ने की चर्चा तेज हो गई है. हालांकि राज्यसभा में किसी भी महत्वपूर्ण विधेयक को पारित कराने के लिए केवल संख्या ही नहीं, बल्कि सहयोगी दलों और विपक्ष के साथ तालमेल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. ऐसे में आने वाले दिनों में सदन का गणित और दिलचस्प हो सकता है.
महत्वपूर्ण विधेयकों पर रहेगी नए सांसदों की नजर
मॉनसून सत्र के दौरान सरकार कई अहम विधेयक सदन में पेश करने की तैयारी में है. ऐसे में नए सांसद पहली बार महत्वपूर्ण चर्चाओं, बहसों और मतदान की प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे. शिक्षा, न्यायिक सुधार, प्रशासनिक बदलाव और अन्य राष्ट्रीय मुद्दों पर होने वाली चर्चाओं में उनकी भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नए चेहरों के आने से सदन की कार्यवाही और अधिक सक्रिय हो सकती है.
एक नई शुरुआत, नई जिम्मेदारियां
राज्यसभा में शपथ लेना केवल संवैधानिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनता के विश्वास का प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी भी है. नए सदस्यों के सामने अपने-अपने राज्यों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से सदन में उठाने और राष्ट्रीय नीतियों पर सार्थक योगदान देने की चुनौती होगी. मॉनसून सत्र की शुरुआत के साथ अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि ये नए सांसद संसद की कार्यवाही में कितना प्रभाव छोड़ पाते हैं.
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