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अब एथेनॉल से बनेगा खाना, LPG पर घटेगी निर्भरता, सरकार ला रही नई नीति
Authored By: Nishant Singh
Published On: Monday, July 20, 2026
Last Updated On: Monday, July 20, 2026
Ethanol vs LPG: सरकार घरेलू रसोई में एलपीजी के विकल्प के रूप में एथेनॉल आधारित ईंधन को बढ़ावा देने की तैयारी कर रही है. नई नीति के तहत एथेनॉल चूल्हों के इस्तेमाल, संभावित सब्सिडी और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने पर काम चल रहा है. इससे एलपीजी पर निर्भरता और आयात खर्च कम करने का लक्ष्य है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Monday, July 20, 2026
Ethanol vs LPG: देश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार एक और बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है. पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण के बाद अब इसे घरेलू रसोई तक पहुंचाने की योजना पर काम चल रहा है. प्रस्तावित नीति के तहत भविष्य में खाना पकाने के लिए एलपीजी के साथ-साथ एथेनॉल आधारित ईंधन का भी उपयोग किया जा सकता है. यदि यह योजना लागू होती है तो लोगों को एक नया स्वच्छ ईंधन विकल्प मिलेगा और एलपीजी पर निर्भरता धीरे-धीरे कम हो सकती है.
क्या है सरकार की योजना?
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय एथेनॉल को घरेलू कुकिंग फ्यूल के रूप में अपनाने के लिए नई नीति तैयार कर रहा है. इस नीति का उद्देश्य स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने के साथ-साथ आयातित एलपीजी पर निर्भरता कम करना भी है. जानकारी के अनुसार, उद्योग संगठनों और ईंधन आपूर्ति से जुड़ी कंपनियों के साथ इस विषय पर लगातार चर्चा चल रही है. माना जा रहा है कि नीति को अंतिम रूप दिए जाने के बाद चरणबद्ध तरीके से इसे लागू किया जा सकता है.
एथेनॉल चूल्हों की हो रही है तैयारी
सरकार के निर्देश पर एथेनॉल से चलने वाले विशेष कुकिंग स्टोव का परीक्षण भी किया जा रहा है. इन चूल्हों को सुरक्षित, सुविधाजनक और घरेलू उपयोग के अनुकूल बनाने पर काम चल रहा है. तेल विपणन कंपनियां भी इस परियोजना में रुचि दिखा रही हैं और नई तकनीक विकसित करने के साथ-साथ एथेनॉल आधारित कुकिंग सिस्टम से जुड़ी कंपनियों के साथ साझेदारी की संभावनाएं तलाश रही हैं.
सब्सिडी मिल सकती है बड़ी राहत
एथेनॉल आधारित खाना पकाने को लोकप्रिय बनाने के लिए सरकार सब्सिडी देने पर भी विचार कर रही है. यदि ऐसा होता है तो उपभोक्ताओं को एथेनॉल चूल्हे और ईंधन कम कीमत पर उपलब्ध हो सकते हैं. इससे शुरुआती लागत कम होगी और लोग आसानी से इस नई तकनीक को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे. हालांकि, सब्सिडी का अंतिम स्वरूप नीति लागू होने के बाद ही स्पष्ट होगा.
एथेनॉल क्यों बन रहा है बेहतर विकल्प?
देश में एथेनॉल का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है. वर्तमान में भारत की वार्षिक उत्पादन क्षमता 20 अरब लीटर से अधिक हो चुकी है और इसमें आगे भी वृद्धि की संभावना है. पेट्रोल में E20 मिश्रण और अन्य औद्योगिक उपयोग के बाद भी बड़ी मात्रा में एथेनॉल उपलब्ध रहता है. ऐसे में इस अतिरिक्त उत्पादन का उपयोग घरेलू रसोई में किया जा सकता है. इससे ऊर्जा संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और भविष्य में पड़ोसी देशों को एथेनॉल निर्यात की संभावनाएं भी मजबूत हो सकती हैं.
स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ता भारत
यदि यह योजना सफल होती है तो भारतीय रसोई में ऊर्जा उपयोग का तरीका बदल सकता है. इससे स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा मिलेगा, एलपीजी आयात पर निर्भरता घट सकती है और देश की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी. हालांकि, नई नीति लागू होने से पहले सुरक्षा मानकों, उपलब्धता, कीमत और वितरण व्यवस्था जैसे पहलुओं पर अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है.
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