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जंतर-मंतर से संसद मार्च पर बवाल, CJP प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का लाठीचार्ज, राजधानी में बढ़ा सुरक्षा घेरा
Authored By: Nishant Singh
Published On: Monday, July 20, 2026
Last Updated On: Monday, July 20, 2026
संसद मार्च के दौरान दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया. प्रदर्शनकारी पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दे पर संसद की ओर बढ़ रहे थे. सुरक्षा कारणों से पुलिस ने उन्हें रोका, जबकि कई विपक्षी नेता भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Monday, July 20, 2026
Jantar Mantar Protest: संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन दिल्ली में उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर से संसद भवन तक मार्च निकालने की कोशिश की. दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया. बावजूद इसके प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स पार कर संसद की ओर बढ़ने लगे. हालात बिगड़ते देख पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया. मौके पर पुलिस और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती रही.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और मेट्रो पर असर
संसद के मॉनसून सत्र और प्रस्तावित संसद मार्च को देखते हुए नई दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी. बीएनएसएस की धारा 163 लागू थी और संसद भवन के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था. प्रदर्शन के कारण दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) ने एहतियातन राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन के एंट्री और एग्जिट गेट अस्थायी रूप से बंद कर दिए, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके.
कई विपक्षी नेता और सामाजिक हस्तियां हुईं शामिल
इस प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया और संजय सिंह, आजाद समाज पार्टी के प्रमुख एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद, अभिनेता प्रकाश राज और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि समेत कई प्रमुख चेहरे शामिल हुए. सभी ने युवाओं से जुड़े मुद्दों को गंभीर बताते हुए प्रदर्शनकारियों के समर्थन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और सरकार से इन समस्याओं के समाधान की मांग की.
पेपर लीक और बेरोजगारी को लेकर सरकार पर निशाना
कॉकरोच जनता पार्टी का यह विरोध प्रदर्शन प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ आयोजित किया गया था. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार गड़बड़ियां हो रही हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है. संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्या जैसे गंभीर मामलों की जवाबदेही तय होनी चाहिए.
राजनीतिक बहस को मिला नया मुद्दा
हालांकि पुलिस ने बिना अनुमति संसद मार्च को सफल नहीं होने दिया, लेकिन इस प्रदर्शन ने युवाओं के मुद्दों को एक बार फिर राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है. चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि वह युवाओं की आवाज बनकर उनके साथ खड़े हैं और उनके साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा. आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और रोजगार जैसे मुद्दों पर राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत हैं.
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