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Middle East Tensions: क्या पीएम मोदी को थी ईरान हमले की भनक? इजरायल दौरे के बाद सरकार ने दिया बड़ा जवाब
Authored By: Nishant Singh
Published On: Thursday, April 2, 2026
Last Updated On: Thursday, April 2, 2026
Middle East Tensions: इजरायल दौरे के बाद ईरान पर हमले को लेकर उठे सवालों पर सरकार ने स्पष्ट किया कि भारत को पहले से कोई जानकारी नहीं थी. विदेश राज्य मंत्री ने बताया कि इस कार्रवाई पर इजरायल ने भारत से कोई चर्चा नहीं की थी, जिससे सभी अटकलों पर विराम लग गया.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Thursday, April 2, 2026
Middle East Tensions: प्रधानमंत्री के हालिया इजरायल दौरे के बाद जैसे ही ईरान पर हमला हुआ, वैसे ही देश और दुनिया में कई तरह के सवाल उठने लगे. लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या भारत को इस हमले की पहले से जानकारी थी? क्योंकि दौरे के दौरान भारत और इजरायल के बीच कई महत्वपूर्ण बातचीत और समझौते हुए थे, ऐसे में यह मुद्दा और भी संवेदनशील बन गया.
सरकार ने साफ किया अपना रुख
इन सभी अटकलों के बीच अब भारत सरकार ने पूरी स्थिति स्पष्ट कर दी है. विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने संसद में जानकारी देते हुए कहा कि ईरान पर हमले को लेकर इजरायल की ओर से भारत के साथ कोई भी पूर्व चर्चा नहीं की गई थी. इसका सीधा मतलब यह है कि भारत सरकार को इस सैन्य कार्रवाई की पहले से कोई जानकारी नहीं थी. सरकार का यह बयान उन सभी कयासों पर विराम लगाता है जो पिछले कुछ दिनों से चर्चा में थे.
दौरे और हमले के बीच का कनेक्शन
गौरतलब है कि फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल का दौरा किया था. इस दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम समझौते हुए थे, जिनमें रक्षा, तकनीक और व्यापार जैसे क्षेत्र शामिल थे. लेकिन दौरे के कुछ ही समय बाद 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर हमला कर दिया. इसी समय को देखते हुए लोगों ने दोनों घटनाओं को जोड़कर देखना शुरू कर दिया और सवाल खड़े होने लगे.
क्यों अहम है सरकार की सफाई
सरकार की यह सफाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह पहली बार है जब भारत ने इस पूरे घटनाक्रम पर खुलकर अपनी स्थिति बताई है. इससे यह साफ हो गया है कि भारत इस मामले में किसी भी तरह की सैन्य योजना का हिस्सा नहीं था और न ही उसे पहले से कोई जानकारी थी. यह बयान भारत की विदेश नीति के उस रुख को भी दर्शाता है, जिसमें देश संतुलन बनाए रखने और कूटनीतिक तरीके से संबंधों को आगे बढ़ाने पर जोर देता है.
संतुलन की नीति पर कायम भारत
भारत हमेशा से मध्य पूर्व के देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखने की कोशिश करता रहा है. एक तरफ जहां इजरायल के साथ उसके मजबूत रणनीतिक रिश्ते हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान के साथ भी भारत के ऐतिहासिक और आर्थिक संबंध रहे हैं. ऐसे में इस पूरे मामले में भारत का तटस्थ रहना और स्पष्ट रुख अपनाना उसकी कूटनीतिक रणनीति को मजबूत बनाता है.














