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Kamada Ekadashi 2026: कामदा एकादशी 2026 की सही तिथि क्या है जानें व्रत पूजन समय और पारण नियम की पूरी जानकारी
Authored By: Nishant Singh
Published On: Saturday, March 28, 2026
Last Updated On: Saturday, March 28, 2026
Kamada Ekadashi in 2026: कामदा एकादशी 2026 को लेकर तिथि का भ्रम दूर हो चुका है, व्रत 29 मार्च को रखा जाएगा. इस दिन रवि योग का विशेष संयोग बन रहा है, जिसमें पूजा, व्रत और मंत्र जाप से सुख-समृद्धि, आरोग्य और मनोकामनाओं की पूर्ति होने की मान्यता है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Saturday, March 28, 2026
Kamada Ekadashi 2026: हर साल की तरह इस बार भी कामदा एकादशी को लेकर लोगों के मन में सवाल है कि आखिर व्रत 29 मार्च को रखा जाए या 30 मार्च को. दरअसल, यह भ्रम पंचांग की तिथियों को समझने में कमी के कारण होता है. इस बार एकादशी तिथि 28 मार्च की सुबह 8:45 बजे से शुरू होकर 29 मार्च सुबह 7:46 बजे तक रहेगी. हिंदू धर्म में व्रत और पूजा के लिए “उदयातिथि” यानी जिस दिन सूर्योदय के समय तिथि रहती है, उसे ही मान्य माना जाता है. इसलिए साफ है कि कामदा एकादशी का व्रत 29 मार्च 2026 को ही रखा जाएगा और इसी दिन पूजा करना सबसे शुभ रहेगा.
शुभ योग का खास संयोग
इस बार कामदा एकादशी पर एक बेहद खास योग बन रहा है, जिसे रवि योग कहा जाता है. ज्योतिष के अनुसार, इस योग में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं. ऐसा माना जाता है कि इस दिन की गई पूजा से व्यक्ति को न सिर्फ आरोग्य जीवन का आशीर्वाद मिलता है, बल्कि घर में सुख, शांति और समृद्धि भी बढ़ती है. खास बात यह है कि भगवान विष्णु की पूजा से मां लक्ष्मी भी प्रसन्न होती हैं, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होती है.
पूजा का सही समय क्या है?
अगर आप इस दिन पूजा करना चाहते हैं, तो सुबह का समय सबसे उत्तम माना गया है. 29 मार्च को सुबह 6 बजे से 7:30 बजे तक का समय पूजा के लिए बेहद शुभ रहेगा. इस दौरान की गई पूजा का विशेष फल मिलता है. हालांकि, अगर किसी कारणवश आप सुबह पूजा नहीं कर पाते हैं, तो दोपहर के अभिजीत मुहूर्त में भी पूजा कर सकते हैं. जरूरी यह है कि पूजा श्रद्धा और सच्चे मन से की जाए.
कैसे करें पूजा? आसान विधि
कामदा एकादशी की पूजा करने के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और घर के मंदिर को साफ करें. इसके बाद भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर को एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर स्थापित करें. भगवान विष्णु को पीले फूल और मां लक्ष्मी को लाल फूल अर्पित करें. गंगाजल और अक्षत से भगवान का स्नान कराएं और फिर तिलक लगाएं. इसके बाद धूप-दीप जलाकर आरती करें. पूजा के दौरान मन में शुद्ध भाव रखना सबसे जरूरी होता है.
मंत्र जाप का महत्व
इस दिन मंत्र जाप का विशेष महत्व बताया गया है. “ऊं नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करने से मन को शांति मिलती है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है. आप अपनी क्षमता के अनुसार 11, 21 या 108 बार इस मंत्र का जाप कर सकते हैं. सुबह और शाम दोनों समय जाप करना अधिक फलदायी माना जाता है.
व्रत रखने के नियम
कामदा एकादशी का व्रत अपनी सेहत के अनुसार रखना चाहिए. कुछ लोग निर्जल व्रत रखते हैं, जबकि कुछ फलाहार या दूध का सेवन करते हैं. अगर आप पूरा व्रत नहीं रख सकते, तो कम से कम इस दिन चावल का सेवन न करें और सात्विक भोजन करें. अगले दिन विधिपूर्वक पारण करना जरूरी होता है, तभी व्रत पूर्ण माना जाता है.
क्या है धार्मिक मान्यता?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कामदा एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन के कष्ट दूर होते हैं. यह व्रत पापों से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है. जो लोग सच्चे मन से इस व्रत को करते हैं, उनके जीवन में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है. यही वजह है कि इस एकादशी का महत्व भक्तों के लिए बेहद खास माना जाता है.
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