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Ganesh Chaturthi 2025: इस साल कब है गणेश चतुर्थी? जानें डेट, पूजा विधि, मुहूर्त और महत्व
Authored By: स्मिता
Published On: Saturday, July 19, 2025
Last Updated On: Tuesday, September 2, 2025
Ganesh Chaturthi 2025 in Hindi: बुद्धि और विवेक के दाता श्रीगणेश जी का उत्सव गणेश चतुर्थी बुधवार, 27 अगस्त 2025 को मनाई जाएगी. भगवान गणेश को समर्पित यह उत्सव आमतौर पर 10 दिनों तक चलता है. यह 6 सितंबर को गणेश विसर्जन के साथ समाप्त हो जाएगा. गणेश पूजा मुहूर्त 27 अगस्त को सुबह 11.05 बजे दोपहर से 1.40 बजे तक रहेगा.
Authored By: स्मिता
Last Updated On: Tuesday, September 2, 2025
Ganesh Chaturthi 27 August 2025 : भगवान गणेश को गजानन, धूम्रकेतु, एकदंत, वक्रतुंड और सिद्धि विनायक भी कहा जाता है, श्रीगणेश ज्ञान, समृद्धि और सौभाग्य के देवता माने जाते हैं. बाधाओं को दूर करने में मदद करने वाले माने जाने वाले भगवान गणेश को प्रथम पूजनीय देव माना जाता है. हमेशा नए प्रयासों, बौद्धिक गतिविधियों या व्यावसायिक कार्यों की शुरुआत करने से पहले उनका आह्वान किया (Ganesh Chaturthi 2025 ) जाता है.
गणेश चतुर्थी 2025 तिथि और समय (Ganesh Chaturthi 2025 Date & Time)
गणेश चतुर्थी को विनायक चतुर्थी या गणेश उत्सव के नाम से भी जाना जाता है. इसे भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है.
वर्ष 2025 में गणेश चतुर्थी उत्सव और इसके अनुष्ठान बुधवार, 27 अगस्त 2025 को गणेश पूजा के साथ सुबह 11.06 बजे से दोपहर 01.40 बजे तक होंगे.
| गणेश विसर्जन | शनिवार, 6 सितंबर 2025 |
| पंडित का नाम | पंडित अनिल शास्त्री |
| चतुर्थी तिथि प्रारंभ | 26 अगस्त 2025, दोपहर 01:54 बजे |
| चतुर्थी तिथि समाप्त | 27 अगस्त 2025, दोपहर 03:44 बजे |
गणेश चतुर्थी 2025 महत्व ( Ganesh Chaturthi Significance)
गणेश चतुर्थी मनाये जाने की शुरुआत 17वीं शताब्दी में मराठा साम्राज्य में छत्रपति शिवाजी महाराज के समय में हुआ था. शिवाजी ने राष्ट्रवाद और एकता को बढ़ावा देने के लिए इसे मनाना शुरू किया था. ब्रिटिश औपनिवेशिक काल के दौरान इसे तब लोकप्रियता मिली जब स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य तिलक ने लोगों को एकजुट करने और स्वतंत्रता की प्रेरणा देने के लिए इसका इस्तेमाल किया.
क्या है गणेश चतुर्थी की कथा (Ganesh Chaturthi Mythological Story)
कथा है कि देवी पार्वती ने अपने शरीर के हल्दी लेप से गणेशजी की रचना की और फिर उन्हें जीवनदान दिया. उन्होंने स्नान करते समय गणेशजी को अपने कक्ष की रखवाली करने का निर्देश दिया. जब उनके पति शिवजी लौटे, तो गणेश ने उन्हें पहचाने बिना ही उन्हें कक्ष में प्रवेश करने से रोक दिया. दोनों पक्षों में टकराव हुआ, तो शिवजी ने गणेशजी का सिर काट दिया, जिससे पार्वती बहुत क्रोधित हुईं.
फिर शिवजी ने गणेशजी के सिर के स्थान पर एक हाथी का सिर लगाकर उन्हें पुनर्जीवित कर दिया. गणेशजी को देवता का दर्जा दिया गया. गणेशजी को ‘विघ्नहर्ता’ के रूप में पूजा जाता है. उन्हें ज्ञान, बुद्धि और विद्या के देवता के रूप में पूजा जाता है।
कैसे करें पूजा (How to do Puja on Ganesh Chaturthi 2025)
सुबह जल्दी स्नान कर गणेशजी की मूर्ति को एक ऊंचे स्थान पर रख दें. देवता की प्रार्थना करने के साथ-साथ अलग-अलग वस्तुएं अर्पित करें. मूर्ति के आस-पास सजा दें. “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र जाप के साथ पूजा का समापन करें. गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के दिव्य गुणों का उत्सव है. यह आध्यात्मिक चिंतन का समय है. यह भारत की साझा सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है.
गणेश चतुर्थी पंचांग 2025 (Ganesh Chaturthi Panchang 2025)
- इस दिन सूर्योदय सुबह 05 बजकर 57 मिनट पर होगा.
- इस दिन सूर्यास्त शाम 06 बजकर 48 मिनट पर होगा.
- इस दिन चंद्रोदय सुबह 09 बजकर 28 मिनट पर होगा.
- इस दिन चन्द्रास्त रात 08 बजकर 56 मिनट पर होगा.
- इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 28 मिनट से 05 बजकर 12 मिनट तक होगा.
- इस दिन विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 31 मिनट से 03 बजकर 22 मिनट तक होगा.
- इस दिन गोधूलि मुहूर्त शाम 06 बजकर 48 मिनट से 07 बजकर 10 मिनट तक होगा.
- इस दिन निशिता मुहूर्त रात 12 बजे 12 बजकर 45 मिनट तक होगा.
गणेश जी के मंत्र (Ganpati Sthapana Mantra)
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥
एकदन्तं महाकायं लम्बोदरगजाननम्ं।
विघ्नशकरं देवं हेरम्बं प्रणमाम्यहम्॥
ॐ ग्लौम गौरी पुत्र,वक्रतुंड,गणपति गुरु गणेश
ग्लौम गणपति,ऋदि्ध पति। मेरे दूर करो क्लेश ॥
एकदन्तं महाकायं लम्बोदरगजाननम्ं।
विघ्नशकरं देवं हेरम्बं प्रणमाम्यहम्॥
गणेश विसर्जन 2025 कब है?
गणेश चतुर्थी का समापन अनंत चतुर्दशी को होता है, जब बप्पा का विधिवत विसर्जन किया जाता है. इस बार गणेश विसर्जन 6 सितंबर 2025 (शनिवार) को किया जाएगा.
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