Nitish Kumar son Nishant bihar politics: क्या बिहार की राजनीति को ‘अशांत’ करेंगे निशांत?

Authored By: JP Yadav

Published On: Tuesday, August 12, 2025

Last Updated On: Tuesday, August 12, 2025

Nitish Kumar son Nishant bihar politics: क्या बिहार की राजनीति को 'अशांत' करेंगे निशांत?
Nitish Kumar son Nishant bihar politics: क्या बिहार की राजनीति को 'अशांत' करेंगे निशांत?

Nitish Kumar son Nishant bihar politics: पिता नीतीश कुमार चुप हैं तो बेटे निशांत कुमार को राजनीति में लाने के लिए पार्टी नेताओं की ओर से भी कवायद तेज हो गई है.

Authored By: JP Yadav

Last Updated On: Tuesday, August 12, 2025

Nitish Kumar son Nishant bihar politics: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारी में जुटे राजनीतिक दल जनता दल युनाइटेड के कार्यकर्ता और नेता भले ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री को लेकर बयान दे रहे हों, लेकिन कतई आसान नहीं है. नीतीश कुमार ने इस मुद्दे पर अब तक चुप्पी साधी हुई है. राजनीति के जानकारों का कहना है कि जैसे ही निशांत कुमार की एंट्री राजनीति में जनता दल यू के जरिये होगी तो वह लालू प्रसाद यादव की तरह परिवारवाद में घिर जाएंगे. इस तरह नीतीश कुमार के हाथ से परिवार के बहाने लालू प्रसाद यादव यानी कुल मिलाकर राष्ट्रीय जनता दल पर हमला करने का मौका निकल जाएगा. शायद यही वजह है कि नीतीश कुमार ने बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री को लेकर अब तक कोई बयान नहीं दिया है. पूर्व में निशांत कुमार की पॉलिटिकल लॉन्चिंग के लिए पोस्टर लगाए जा चुके हैं, लेकिन पिछले दिनों बिहार की राजधानी पटना में ‘निशांत संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जहां नेताओं ने खुलकर उनकी उनके नाम की वकालत की.

निशांत कुमार ने बढ़ाई सक्रियता

पिछले कई महीने से नीतीश कुमार के बेटे राजनीति में सक्रिय होने का इशारा कर रहे हैं. वह अक्सर राजनीतिक बयान देते भी नजर आते हैं. वह कई बार कह चुके हैं कि मुख्यमंत्री उनके पिता (नीतीश कुमार) ही बनेंगे. इतना ही नहीं वह सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय नजर आ रहे हैं. सार्वजनिक मंच हो या फिर मीडिया से बातचीत या फिर अन्य आयोजन, वह लोगों से अपने पिता को फिर से बिहार का सीएम बनाने की अपील कर रहे हैं. पिछले दिनों पटना में ‘निशांत संवाद’ कार्यक्रम के दौरान जेडीयू कार्यकर्ताओं की ओर से लगातार निशांत कुमार के पक्ष में आवाज बुलंद की जा रही है. इससे भी पहले कई जगहों पर पोस्टर भी लगवाए गए. इसकी अगली कड़ी में पटना में निशांत संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. निशांत संवाद में जेडीयू के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए. इस दौरान मौजूद तमाम नेताओं ने एक सुर में कहा कि निशांत को राजनीति में आना चाहिए और पार्टी को आगे बढ़ाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए.

कौन हैं निशांत कुमार?

बिहार के सीएम नीतीश कुमार के बेटे के अलावा निशांत कुमार की एक और पहचान भी है. वह बिहार के एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं. वह युवा पीढ़ी के प्रतिनिधि माने जाते हैं. इसके साथ-साथ सामाजिक न्याय, शिक्षा सुधार, और रोजगार के मुद्दों को लेकर काफी सक्रिय हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कई सामाजिक कार्यों में हिस्सा लिया, जिससे उनकी छवि एक समर्पित समाजसेवी के रूप में बनी.

राजनीति में एंट्री की वजह?

निशांत कुमार का मानना है कि बिहार में युवा शक्ति का सही उपयोग नहीं हो पा रहा है. निशांत कुमार कई बार कह चुके हैं कि उन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत युवाओं के लिए रोजगार, शिक्षा में सुधार, और भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान से की है. उनका कहना है कि अगर युवा आगे आएंगे तो ही बिहार का विकास संभव है.

निशांत की चुनौतियां और संभावनाएं

बिहार की राजनीति में कई पुरानी और जड़ें जमा चुकी व्यवस्थाएं हैं, जो नए चेहरों के लिए चुनौती बनती हैं. बिहार में जाति की राजनीति एक सच्चाी है. निशांत कुमार को भी भ्रष्टाचार, जातिगत राजनीति, और राजनीतिक विरोध का सामना करना पड़ सकता है.लेकिन उनके जोश और युवाओं के समर्थन से ये चुनौतियां अवसर में बदल सकती हैं.

वक्त बताएगा निशांत की क्या होगी भूमिका

राजनीतिक पंडितों का कहना है कि निशांत कुमार की बिहार में राजनीति में एंट्री न केवल नए विचारों को लेकर आई है, बल्कि युवाओं के लिए एक प्रेरणा भी बन गई है.आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि वे बिहार की राजनीतिक व्यवस्था में किस तरह बदलाव लाते हैं और अपनी उम्मीदों को हकीकत में बदल पाते हैं या नहीं? वहीं, युवा वर्ग में निशांत कुमार को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है, खासतौर से JDU के कार्यकर्ता और नेता निशांत कुमार की राजनीति में सक्रिय भूमिका को लेकर खुश हैं. सोशल मीडिया पर भी उनकी चर्चा जोरों पर है, जहां वे युवाओं के बीच उम्मीद की किरण के रूप में उभर रहे हैं ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में उनके लिए सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है.

About the Author: JP Yadav
जेपी यादव डेढ़ दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वह प्रिंट और डिजिटल मीडिया, दोनों में समान रूप से पकड़ रखते हैं। अमर उजाला, दैनिक जागरण, दैनिक हिंदुस्तान, लाइव टाइम्स, ज़ी न्यूज और भारत 24 जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। कई बाल कहानियां भी विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हैं. मनोरंजन, साहित्य और राजनीति से संबंधित मुद्दों पर कलम अधिक चलती है। टीवी और थिएटर के प्रति गहरी रुचि रखते हुए जेपी यादव ने दूरदर्शन पर प्रसारित धारावाहिक 'गागर में सागर' और 'जज्बा' में सहायक लेखक के तौर पर योगदान दिया है. इसके अलावा, उन्होंने शॉर्ट फिल्म 'चिराग' में अभिनय भी किया है।
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