देहरादून में होगा सूर्या ड्रोन शो, ड्रोन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत का आत्मनिर्भरता की ओर कदम

Authored By: अंशु सिंह

Published On: Saturday, November 30, 2024

Updated On: Saturday, November 30, 2024

surya drone show held 20-21 dec in dehradun

रक्षा मंत्रालय और भारतीय सेना की सेंट्रल कमांड की ओर से सूर्या ड्रोन शो का आगामी 20-21 दिसंबर को देहरादून छावनी के प्रसिद्ध जसवंत ग्राउंड में आयोजन होने जा रहा है। इस कार्यक्रम में भारतीय ड्रोन उद्योग के अत्याधुनिक और तकनीकी रूप से उन्नत ड्रोन प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया जाएगा, जो भारतीय रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र के लिए भविष्य की दिशा निर्धारित करेगा।

Authored By: अंशु सिंह

Updated On: Saturday, November 30, 2024

रक्षा एवं एयरोस्पेस के उप निदेशक सोमेंद्र गौतम (Somendra Gautam) ने बताया कि सूर्या ड्रोन शो का उद्देश्य भारत को ड्रोन प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर बनाना और उसे वैश्विक स्तर पर तकनीकी स्वायत्तता की ओर प्रेरित करना है। इस कार्यक्रम का आयोजन भारतीय सेना की सेंट्रल कमांड और फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एफआईसीसीआई) द्वारा किया जा रहा है, जो भारतीय उद्योग और रक्षा क्षेत्र में सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। वरिष्ठ सहायक निदेशक हिमांशु रेवरिया ने बताया कि इस शो में विभिन्न प्रकार के ड्रोन प्रदर्शित किए जाएंगे, जो भारतीय रक्षा और सुरक्षा प्रणाली के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए बनाए गए हैं। जैसे,

खुफिया, निगरानी और टोही (आईएसआर) ड्रोन

ये ड्रोन दुश्मन की गतिविधियों की निगरानी करने, खुफिया जानकारी जुटाने और टोही मिशन में उपयोगी होंगे। इसे यूएवी ड्रोन या मानव रहित हवाई ड्रोन भी कहा जाता है।

लोइटरिंग म्यूनिशन सिस्टम अर्थात् कामिकेज ड्रोन

यह एक प्रकार का घूमता-फिरता हथियार है, जो अवलोकन एवं कार्रवाई के बीच के अंतर को कम करता है। यह अधिक सटीकता, गतिशीलता एवं गुप्त क्षमताओं के साथ संपार्श्विक क्षति को कम करते हैं। इस ड्रोन का इस्तेमाल दुश्मन के ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किया जाता है।

लॉजिस्टिक्स ड्रोन

यह ड्रोन दुर्गम जगहों पर कम समय में सेना की जरूरतों के मुताबिक जानकारी जुटा सकता है। आपातकालीन परिस्थितियों में सामग्री की आपूर्ति करने के लिए ये ड्रोन काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं।

स्वार्म ड्रोन

ये कई ड्रोन का एक समूह होता है, जो एक साथ मिलकर काम करते हैं। इन ड्रोन का इस्तेमाल कई उद्देश्यों को हासिल करने के लिए किया जाता है। स्वार्म ड्रोन का उपयोग दुश्मन के टैंक, सैनिकों की मार्चिंग टुकड़ी एवं मिलिट्री व्हीकल को तबाह करने के लिए किया जाता है।

फर्स्ट पर्सन व्यू (एफपीवी) ड्रोन

यह एक ऐसा यूएवी है, जिसमें एक कैमरा होता है। यह वायरलेस तरीके से वीडियो फीड को गॉगल्स, हेडसेट, मोबाइल डिवाइस या किसी अन्य डिस्प्ले पर प्रसारित करता है। उपयोगकर्ता के पास अमुक वातावरण का प्रथम व्यक्ति यानी फर्स्ट व्यू (एफपीवी) होता है, जहां ड्रोन उड़ता है और वह वीडियो या स्थिर चित्र कैप्चर कर सकता है।

विशिष्ट क्षमता/भूमिका वाले ड्रोन

जैसे कि इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (ईडब्ल्यू), सिंथेटिक अपर्चर रडार (एसएआर), संचार खुफिया (सीओएमआईएनटी) और इलेक्ट्रॉनिक खुफिया (ईएलआईएनटी)।

ग्राउंड और अंडरग्राउंड ड्रोन

ये ड्रोन कठिन इलाकों में कार्य करने के लिए सक्षम होंगे, जैसे युद्धक्षेत्र के भीतर या भूमिगत स्थानों पर।

काउंटर ड्रोन सिस्टम

ये सिस्टम उन ड्रोन का सामना करने के लिए बनाए गए हैं, जो दुश्मन के द्वारा हमला करने या जानकारी जुटाने के लिए भेजे गए हों।

स्वदेशी टेक्नोलॉजी को मिलेगा बढ़ावा

वैसे, इस शो का मुख्य उद्देश्य ड्रोन प्रौद्योगिकी में नवीनतम प्रगति को प्रदर्शित करना है, जिसमें चपलता, गतिशीलता और अगली पीढ़ी के एआई-संचालित एकीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह कार्यक्रम भारतीय ड्रोन उद्योग के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा, जो ड्रोन प्रौद्योगिकी में स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा देने और उसे आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सूर्या ड्रोन शो के जनसंपर्क अधिकारी (रक्षा) लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि सूर्या ड्रोन शो 2024 भारतीय सेना और रक्षा उद्योग के लिए एक आदर्श मंच प्रदान करेगा, जहां भारतीय निर्माताओं, विशेषज्ञों और उद्योग नेताओं को एक साथ लाकर नए विचारों और नवाचारों को साझा किया जा सकेगा। यह कार्यक्रम ड्रोन तकनीकी क्षेत्र में भारतीय उद्योग के योगदान को बढ़ावा देने के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र के भीतर सहयोग और साझेदारी को भी मजबूत करेगा। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना की सेंट्रल कमांड इस परिवर्तनकारी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए सभी भारतीय ड्रोन निर्माताओं को आमंत्रित करती है। यह आयोजन भारतीय ड्रोन उद्योग में सहयोग, नवाचार, और प्रौद्योगिकी के उन्नयन का एक बेहतरीन अवसर प्रदान करेगा।

(हिन्दुस्तान समाचार के इनपुट्स के साथ)

About the Author: अंशु सिंह
अंशु सिंह पिछले बीस वर्षों से हिंदी पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं। उनका कार्यकाल देश के प्रमुख समाचार पत्र दैनिक जागरण और अन्य राष्ट्रीय समाचार माध्यमों में प्रेरणादायक लेखन और संपादकीय योगदान के लिए उल्लेखनीय है। उन्होंने शिक्षा एवं करियर, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक मुद्दों, संस्कृति, प्रौद्योगिकी, यात्रा एवं पर्यटन, जीवनशैली और मनोरंजन जैसे विषयों पर कई प्रभावशाली लेख लिखे हैं। उनकी लेखनी में गहरी सामाजिक समझ और प्रगतिशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को न केवल जानकारी बल्कि प्रेरणा भी प्रदान करती है। उनके द्वारा लिखे गए सैकड़ों आलेख पाठकों के बीच गहरी छाप छोड़ चुके हैं।
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