आइआइटी खड़गपुर ने नवाचार के उन्नत अनुसंधान केंद्र शुरू करने के लिए टीसीएस के साथ की साझेदारी

Authored By: अंशु सिंह

Published On: Tuesday, December 3, 2024

Updated On: Tuesday, December 3, 2024

iit tcs innovation research agreement

आइआइटी खड़गपुर ने डिजिटल स्वास्थ्य, रोबोटिक्स और इंटेलिजेंट सिस्टम में नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उन्नत अनुसंधान केंद्र शुरू करने के लिए टीसीएस के साथ साझेदारी की है। नए केंद्र में तीन अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं होंगी, जो टीसीएस के वैज्ञानिकों को अत्याधुनिक तकनीकों पर काम करने में सक्षम बनाती हैं। एक ग्राहक अनुभव केंद्र भी शुरू किया गया है, जो ग्राहकों को टीसीएस द्वारा संचालित मूल शोध अवधारणाओं का अनुभव प्रदान करता है।

Authored By: अंशु सिंह

Updated On: Tuesday, December 3, 2024

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर ने डिजिटल स्वास्थ्य, रोबोटिक्स और इंटेलिजेंट सिस्टम के क्षेत्रों में अत्याधुनिक कंप्यूटिंग, एम्बेडेड सिस्टम और एआई का लाभ उठाते हुए उच्च गुणवत्ता वाले शोध का उत्पादन करने के लिए एक उन्नत अनुसंधान केंद्र स्थापित करने के लिए आईटी सेवाओं, परामर्श और व्यावसायिक समाधानों में वैश्विक लीडर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के साथ साझेदारी की है। कोलकाता के न्यू टाउन में आइआइटी खड़गपुर रिसर्च पार्क में स्थित टीसीएस रिसर्च सेंटर में तीन अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं होंगी जहां 150 से अधिक टीसीएस वैज्ञानिक अत्याधुनिक तकनीकों का पता लगाएंगे और नवाचार की सीमाओं को आगे बढ़ाएंगे। ये प्रयोगशालाएं सेंसिंग और संचार, एज कंप्यूटिंग,एनालिटिक्स और रोबोटिक्स व विज़ुअल कंप्यूटिंग के डोमेन में होंगी।

टीसीएस उन्नत अनुसंधान केंद्र के जरिये इनोवेशन को मिलेगा बढ़ावा

शोधकर्ताओं के लिए टीसीएस उन्न्त अनुसंधान केंद्र में अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध होंगे, जिससे वे एज कंप्यूटिंग, एम्बेडेड सिस्टम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों में नवाचारों को गति दे सकेंगे। यह नया केंद्र व्यवसाय और सामाजिक प्रभाव पैदा करने के लिए शिक्षाविदों के साथ सहयोग के TCS के समृद्ध इतिहास का प्रमाण है। आइआइटी खड़गपुर के निदेशक

प्रो.वीरेंद्र कुमार तिवारी (Prof. Virendra Kumar Tiwari) ने कहा, ‘उन्नत अनुसंधान केंद्र TCS के साथ हमारे रणनीतिक सहयोग को मजबूत करेगा, जिसे कोलकाता में नव स्थापित आइआइटी केजीपी रिसर्च पार्क में उनकी उपस्थिति से रेखांकित किया गया है। यह साझेदारी स्वास्थ्य सेवा और स्वचालन में कुछ महत्वपूर्ण चुनौतियों का समाधान करने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण छलांग का प्रतिनिधित्व करती है। आइआइटी खड़गपुर की विश्व स्तरीय अनुसंधान क्षमताओं को टीसीएस की उद्योग-अग्रणी विशेषज्ञता के साथ जोड़कर, हमारा लक्ष्य ऐसे परिवर्तनकारी नवाचारों को आगे बढ़ाना है, जो जीवन की गुणवत्ता को बढ़ा सकें। साथ ही स्वास्थ्य सेवा वितरण में सुधार कर सकें और बुद्धिमान प्रणालियों के बढ़ते क्षेत्र में योगदान दे सकें। यह केंद्र न केवल अभूतपूर्व शोध को बढ़ावा देगा, बल्कि अंतःविषय सहयोग के अवसर भी पैदा करेगा, जिससे प्रौद्योगिकीविदों और शोधकर्ताओं की अगली पीढ़ी को भविष्य को आकार देने में सशक्त बनाया जा सकेगा।‘

ग्राहक अनुभव केंद्र की होगी शुरुआत

उन्नत अनुसंधान केंद्र TCS द्वारा वित्तपोषित शोध कार्यक्रमों का संचालन करेगा, जिन्हें आइआइटी खड़गपुर (IIT KGP) सहित शैक्षणिक भागीदारों के साथ साझेदारी में लॉन्च किया जाएगा। आइआइटी खड़गपुर में TCS अनुसंधान केंद्र में एक ग्राहक अनुभव केंद्र भी होगा, जहां खनन, कृषि, गतिशीलता, स्वास्थ्य सेवा, विनिर्माण और खुदरा जैसे उद्योगों में TCS के ग्राहक कंपनी द्वारा मूल शोध अवधारणाओं का विशेष अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। ग्राहक अनुभव केंद्र में आयोजित कार्यशालाएं बाहरी भागीदारी के लिए खुली होंगी, जहां TCS के वैज्ञानिक, उद्योग विषय विशेषज्ञ और साथ ही आइआइटी खड़गपुर के संकाय उद्योग की समस्याओं का समाधान खोजने के लिए सहयोग करेंगे।

ज्ञान एवं प्रतिभा के आदान-प्रदान का है लक्ष्य

tcs chief technology officer dr. harrick win

टीसीएस (TCS) कंपनी के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी डॉ. हैरिक विन (Dr. Harrick Win) ने कहा, ‘कंपनी उस तरीके को बदल रहा है, जिसमें उद्योग पारंपरिक रूप से अनुसंधान करने और सीखने के कुलीन संस्थानों के साथ जुड़ता रहा है। हमारा फोकस क्षेत्र शैक्षणिक संस्थानों में हमारे शोध और नवाचार प्रयोगशालाओं को एक साथ स्थापित करना है, ताकि ज्ञान और प्रतिभा का अधिक कुशल आदान-प्रदान हो सके। हमने कुछ साल पहले चेन्नई में आइआइटी मद्रास रिसर्च पार्क में इस यात्रा की शुरुआत की थी। आइआइटी खड़गपुर रिसर्च पार्क में हमारे शोध और नवाचार प्रयोगशाला की स्थापना इस रणनीतिक यात्रा का अगला कदम है। आइआइटी खड़गपुर में हम कई शोध कार्यक्रमों को वित्तपोषित कर रहे हैं। उनके साथ सह-नवाचार करने से दोनों पक्षों के लिए बेहतर परिणाम सामने आएंगे।‘

About the Author: अंशु सिंह
अंशु सिंह पिछले बीस वर्षों से हिंदी पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं। उनका कार्यकाल देश के प्रमुख समाचार पत्र दैनिक जागरण और अन्य राष्ट्रीय समाचार माध्यमों में प्रेरणादायक लेखन और संपादकीय योगदान के लिए उल्लेखनीय है। उन्होंने शिक्षा एवं करियर, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक मुद्दों, संस्कृति, प्रौद्योगिकी, यात्रा एवं पर्यटन, जीवनशैली और मनोरंजन जैसे विषयों पर कई प्रभावशाली लेख लिखे हैं। उनकी लेखनी में गहरी सामाजिक समझ और प्रगतिशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को न केवल जानकारी बल्कि प्रेरणा भी प्रदान करती है। उनके द्वारा लिखे गए सैकड़ों आलेख पाठकों के बीच गहरी छाप छोड़ चुके हैं।
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