AFSPA: अफस्पा एक्ट क्या है, जिसे मणिपुर, नगालैंड के कुछ हिस्सों के अलावा AP में किया गया लागू, जानिये कहां से हटाया गया

AFSPA: अफस्पा एक्ट क्या है, जिसे मणिपुर, नगालैंड के कुछ हिस्सों के अलावा AP में किया गया लागू, जानिये कहां से हटाया गया

Authored By: JP Yadav

Published On: Monday, March 31, 2025

Updated On: Monday, March 31, 2025

AFSPA: अफस्पा एक्ट क्या है, जिसे मणिपुर, नगालैंड के कुछ हिस्सों के अलावा AP में किया गया लागू, जानिये कहां से हटाया गया
AFSPA: अफस्पा एक्ट क्या है, जिसे मणिपुर, नगालैंड के कुछ हिस्सों के अलावा AP में किया गया लागू, जानिये कहां से हटाया गया

AFSPA: जहां पर उग्रवाद, आतंकी गतिविधियां या सांप्रदायिक हिंसा की स्थिति बनी रहती है वहां पर AFSPA एक्ट लागू किया जाता है.

Authored By: JP Yadav

Updated On: Monday, March 31, 2025

AFSPA : केंद्र में सत्तासीन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (National Democratic Alliance) की सरकार ने कानून और व्यवस्था की स्थिति के मद्देनजर मणिपुर में 13 पुलिस स्टेशनों के अधिकार क्षेत्र को छोड़कर पूरे राज्य में छह महीने के लिए सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम (अफस्पा एक्ट) लागू कर दिया गया है. अफस्पा एक्ट केंद्र के अनुमोदन पर अशांत क्षेत्रों में काम करने वाले सशस्त्र बलों को व्यापक शक्तियां और अभियोजन से छूट देता है. इसके अलावा, नगालैंड के कुछ हिस्सों के अलावा अरुणाचल प्रदेश में भी AFSPA लागू किया गया है.

क्या है AFSPA एक्ट

सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (Armed Forces Special Powers Act) को केंद्र सरकार की ओर से देश के किसी अशांत क्षेत्र में लागू किया जाता है. इस कानून के तहत सुरक्षा बलों को कहीं भी अभियान चलाने और बिना किसी वारंट के किसी को भी गिरफ्तार करने का अधिकार है. दरअसल, जहां उग्रवाद, आतंकी गतिविधियां या सांप्रदायिक हिंसा की स्थिति बनी रहती है. इसके तहत सेना को गिरफ्तारी का अधिकार, गोलियां चलाने का अधिकार,स्थायी तलाशी और जब्ती का अधिकार जैसे सैन्य कार्रवाई में छूट मिलती है.

नगालैंड के आठ जिलों में AFSPA एक्ट लागू

केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि अफस्पा के तहत किसी विशेष राज्य या कुछ क्षेत्रों को “अशांत” घोषित किया जाता है, इसे छह महीने के लिए नगालैंड के आठ जिलों और मणिुपर के पांच जिलों के 21 पुलिस थाना क्षेत्रों में बढ़ा दिया गया है. बता दें कि इन पूर्वोत्तर राज्यों में कानून और व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के बाद एक अप्रैल से छह महीने के लिए अरुणाचल प्रदेश के तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग जिलों और राज्य के नामसाई जिले के तीन पुलिस थाना क्षेत्रों में भी कानून को बढ़ा दिया गया.

मणिपुर के किन पुलिस स्टेशनों पर लागू नहीं होगा AFSPA

मणिपुर के वे पुलिस स्टेशन क्षेत्र जहां अफस्पा लागू नहीं होगा, उनमें इम्फाल, लम्फाल, सिटी, सिंगजामेई, पाटसोई, इम्फाल पश्चिम जिले में वांगोई, पोरोम्पैट, हेइंगंग, इम्फाल पूर्वी जिले में इरिलबुंग, थौबल जिले में थौबल और बिष्णुपुर जिले में बिष्णुपुर और नामबोल और काकचिंग जिले में काकचिंग शामिल हैं.

असम में कई इलाकों से हटा AFSPA

पूर्वोत्तर के राज्य असम की बात करें तो असम में केवल 3 जिलों में ही सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (AFSPA) लागू है. अब तिनसुकिया, शिवसागर और चराईदेव जिलों में लागू रहेगा. AFSPA को राज्य के 32 जिलों से हटा लिया गया है. बताया जा रहा है कि जल्द ही असम के शेष तीन जिलों से भी इसे हटा लिया जाएगा.

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जेपी यादव डेढ़ दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वह प्रिंट और डिजिटल मीडिया, दोनों में समान रूप से पकड़ रखते हैं। अमर उजाला, दैनिक जागरण, दैनिक हिंदुस्तान, लाइव टाइम्स, ज़ी न्यूज और भारत 24 जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। कई बाल कहानियां भी विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हैं. मनोरंजन, साहित्य और राजनीति से संबंधित मुद्दों पर कलम अधिक चलती है। टीवी और थिएटर के प्रति गहरी रुचि रखते हुए जेपी यादव ने दूरदर्शन पर प्रसारित धारावाहिक 'गागर में सागर' और 'जज्बा' में सहायक लेखक के तौर पर योगदान दिया है. इसके अलावा, उन्होंने शॉर्ट फिल्म 'चिराग' में अभिनय भी किया है।
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