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Petrol Diesel Price: क्रूड ऑयल हुआ सस्ता, फिर पेट्रोल-डीजल कब होंगे सस्ते? जानिए क्यों अभी नहीं मिली राहत, मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिया जवाब
Authored By: Nishant Singh
Published On: Friday, July 3, 2026
Last Updated On: Friday, July 3, 2026
Petrol Diesel Price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल सस्ता होने के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिलहाल राहत नहीं मिली है. महंगे स्टॉक, टैक्स और अन्य लागतें इसकी प्रमुख वजह हैं. यदि कच्चे तेल के दाम लंबे समय तक कम बने रहे, तो आने वाले महीनों में कीमतों में कटौती संभव है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Friday, July 3, 2026
Petrol Diesel Price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में लगातार गिरावट के बावजूद आम लोगों को फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. केंद्र सरकार और सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने अभी खुदरा कीमतों में कटौती का कोई फैसला नहीं लिया है. हालांकि, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संकेत दिए हैं कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अगले कुछ महीनों तक मौजूदा स्तर पर बनी रहती हैं, तो पेट्रोल और डीजल के दाम घटाए जा सकते हैं.
- अभी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती नहीं
- क्रूड ऑयल 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास
- कुछ महीने स्थिर रहने पर मिल सकती है राहत
- नायरा एनर्जी ने घटाए पेट्रोल-डीजल के दाम
- सरकारी कंपनियों ने अभी नहीं बदली कीमतें
क्यों नहीं घट रहे पेट्रोल-डीजल के दाम?
मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, वर्तमान में जो पेट्रोल और डीजल बाजार में बिक रहा है, वह उस कच्चे तेल से तैयार हुआ है जिसे दो से ढाई महीने पहले अधिक कीमत पर खरीदा गया था. इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई ताजा गिरावट का असर खुदरा कीमतों पर तुरंत दिखाई नहीं देता. जब तक महंगे स्टॉक की खपत पूरी नहीं हो जाती, तब तक कीमतों में कटौती की संभावना कम रहती है.
नायरा ने घटाए दाम, लेकिन वजह अलग
निजी क्षेत्र की कंपनी नायरा एनर्जी ने हाल ही में पेट्रोल के दाम में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की कमी की है. हालांकि मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कटौती नई राहत नहीं, बल्कि कुछ दिन पहले की गई मूल्य वृद्धि को आंशिक रूप से वापस लेने जैसा कदम है. दूसरी ओर, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियों ने फिलहाल कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है.
कीमत तय करने में सिर्फ क्रूड ऑयल ही जिम्मेदार नहीं
पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमत केवल कच्चे तेल की कीमत पर निर्भर नहीं करती. इसमें रिफाइनिंग खर्च, समुद्री मालभाड़ा, परिवहन, डीलर कमीशन, कंपनियों का मार्जिन और केंद्र व राज्य सरकारों के टैक्स भी शामिल होते हैं. यही कारण है कि क्रूड ऑयल सस्ता होने के बावजूद उपभोक्ताओं को तुरंत राहत नहीं मिलती.
सरकारी कंपनियों पर बढ़ा आर्थिक दबाव
पश्चिम एशिया में तनाव और पहले खरीदे गए महंगे कच्चे तेल की वजह से सरकारी तेल कंपनियों को पिछले महीनों में भारी वित्तीय दबाव झेलना पड़ा. अनुमान है कि जून तिमाही में पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर कंपनियों को लगभग 74,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. वहीं पहले उत्पाद शुल्क में कटौती के कारण केंद्र सरकार को भी करीब 1 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा.
LPG और CNG पर भी तुरंत असर नहीं
विशेषज्ञों के अनुसार, रसोई गैस (LPG) की कीमतें अंतरराष्ट्रीय एलपीजी बाजार, सब्सिडी और परिवहन लागत से तय होती हैं, जबकि CNG की कीमत प्राकृतिक गैस के दाम और वितरण लागत पर निर्भर करती है. इसलिए क्रूड ऑयल सस्ता होने का इन दोनों ईंधनों पर भी तत्काल असर नहीं पड़ता.
कब मिल सकती है राहत?
यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक 70-80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रहती हैं, रुपया स्थिर रहता है और वैश्विक आपूर्ति सामान्य बनी रहती है, तो आने वाले महीनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुछ राहत मिल सकती है. फिलहाल सरकार और तेल कंपनियां बाजार की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.
- अभी पेट्रोल-डीजल सस्ता करने का कोई फैसला नहीं.
- महंगे स्टॉक खत्म होने के बाद ही कीमतों पर होगा असर.
- नायरा एनर्जी ने पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर सस्ता किया.
- सरकारी कंपनियों को जून तिमाही में करीब ₹74,000 करोड़ का नुकसान.
- अगर क्रूड ऑयल कुछ महीने और सस्ता रहा, तभी आम लोगों को मिल सकती है राहत.
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