राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को भी मिलेगा राष्ट्रगान जैसा सम्मान? सरकार ला रही नया कानून

Authored By: Nishant Singh

Published On: Friday, July 17, 2026

Last Updated On: Friday, July 17, 2026

Vande Mataram New Law. राष्ट्रगीत वंदे मातरम को राष्ट्रगान जैसा सम्मान देने के लिए सरकार के नए कानून का सांकेतिक चित्र.
Vande Mataram New Law. राष्ट्रगीत वंदे मातरम को राष्ट्रगान जैसा सम्मान देने के लिए सरकार के नए कानून का सांकेतिक चित्र.

केंद्र सरकार राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान कानूनी संरक्षण देने के लिए संशोधन विधेयक लाने की तैयारी में है. प्रस्ताव पारित होने पर राष्ट्रगीत के अपमान या उसके गायन में जानबूझकर बाधा डालना भी दंडनीय अपराध होगा. संसद में इस पर जल्द चर्चा होने की संभावना है.

Authored By: Nishant Singh

Last Updated On: Friday, July 17, 2026

वंदे मातरम: केंद्र सरकार संसद के आगामी सत्र में एक महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक पेश करने की तैयारी कर रही है. इस प्रस्ताव का उद्देश्य राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को कानूनी सुरक्षा प्रदान करना है. यदि यह विधेयक पारित हो जाता है, तो राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ की तरह राष्ट्रगीत के अपमान या उसके गायन में जानबूझकर बाधा डालना भी दंडनीय अपराध माना जाएगा. सरकार का मानना है कि राष्ट्र के सम्मान से जुड़े प्रतीकों को समान कानूनी संरक्षण मिलना चाहिए और इसी सोच के तहत यह कदम उठाया जा रहा है.

क्या है नए संशोधन विधेयक का प्रस्ताव?

सरकार The Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Bill, 2026 के माध्यम से राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में संशोधन करना चाहती है. मौजूदा कानून केवल राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के अपमान या उसके गायन में व्यवधान डालने पर कार्रवाई की अनुमति देता है. प्रस्तावित संशोधन के बाद इसी कानून के दायरे में ‘वंदे मातरम’ को भी शामिल किया जाएगा. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्रगीत का सम्मान भी कानूनी रूप से सुरक्षित रहे.

संशोधन की जरूरत क्यों महसूस हुई?

सरकार ने विधेयक के साथ जारी Statement of Objects and Reasons में बताया है कि 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा की बैठक में तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने स्पष्ट कहा था कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम’ ने स्वतंत्रता आंदोलन में ऐतिहासिक भूमिका निभाई और इसे ‘जन गण मन’ के समान सम्मान प्राप्त होगा. हालांकि, संविधान सभा की इस भावना के बावजूद अब तक ऐसा कोई अलग कानूनी प्रावधान नहीं बनाया गया, जो राष्ट्रगीत के अपमान पर कार्रवाई सुनिश्चित कर सके. सरकार का कहना है कि इसी कमी को दूर करने के लिए यह संशोधन लाया जा रहा है.

किन मामलों में होगी कानूनी कार्रवाई?

प्रस्तावित विधेयक के अनुसार यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर ‘वंदे मातरम’ के गायन को रोकता है, उसमें बाधा डालता है या किसी सार्वजनिक सभा में राष्ट्रगीत के गायन में व्यवधान उत्पन्न करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी. यह कार्रवाई उसी कानून के तहत होगी, जिसके अंतर्गत राष्ट्रगान के अपमान पर सजा का प्रावधान पहले से मौजूद है. यानी राष्ट्रगीत (Vande Mataram) और राष्ट्रगान दोनों के सम्मान को समान कानूनी सुरक्षा देने की दिशा में यह बड़ा बदलाव माना जा रहा है.

कानून बनने से पहले संसद की मंजूरी जरूरी

फिलहाल यह केवल एक विधेयक (Bill) है, कानून नहीं. इसे लागू होने से पहले संसद के दोनों सदनों से पारित होना होगा. इसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर ही यह संशोधन कानून का रूप ले सकेगा. यदि यह प्रक्रिया पूरी हो जाती है, तो देश में पहली बार ‘वंदे मातरम’ के सम्मान को लेकर स्पष्ट कानूनी व्यवस्था लागू होगी. ऐसे में आने वाले संसदीय सत्र में इस विधेयक पर होने वाली चर्चा और राजनीतिक सहमति पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी.

यह भी पढ़ें :- वंदे मातरम् को राष्ट्रगान जैसा दर्जा: नए नियम, सजा का प्रावधान और जरूरी प्रोटोकॉल की पूरी जानकारी

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निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
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