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नीतीश कुमार के इस्तीफे पर सस्पेंस बरकरार, कब छोड़ेंगे सीएम की कुर्सी, खरमास के बाद बिहार में नई सरकार गठन की अटकलें तेज
Authored By: Nishant Singh
Published On: Thursday, March 26, 2026
Last Updated On: Thursday, March 26, 2026
Nitish kumar Resignation: बिहार में नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बावजूद मुख्यमंत्री पद न छोड़ने से सियासी हलचल तेज है . लगातार परियोजनाओं के उद्घाटन और खरमास के खत्म होने के इंतजार की चर्चा के बीच नई सरकार के गठन को लेकर सस्पेंस बना हुआ है .
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Thursday, March 26, 2026
Nitish kumar Resignation: बिहार की राजनीति इन दिनों एक बड़े मोड़ पर खड़ी नजर आ रही है . मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए चुने जा चुके हैं, लेकिन अब तक उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया है . यही वजह है कि सियासी गलियारों में अटकलों का दौर तेज हो गया है . सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि वे कब कुर्सी छोड़ेंगे, बल्कि यह भी है कि क्या इसके पीछे कोई तय रणनीति और सही समय का इंतजार छिपा है .
ताबड़तोड़ उद्घाटन: क्या है इसका संदेश?
राज्यसभा का रास्ता तय करने के बावजूद नीतीश कुमार पूरी तरह सक्रिय हैं . वे लगातार जिलों का दौरा कर रहे हैं और विकास परियोजनाओं का उद्घाटन कर रहे हैं . यह सक्रियता सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश भी देती है . ऐसा माना जा रहा है कि वे जनता से सीधा जुड़ाव बनाए रखना चाहते हैं, ताकि दिल्ली की राजनीति में कदम रखते हुए भी बिहार में उनकी पकड़ कमजोर न पड़े . यह दौरा कहीं न कहीं सत्ता परिवर्तन से पहले अपनी छाप मजबूत करने की कोशिश भी माना जा रहा है.
इस्तीफे में देरी क्यों? नियम और गणित
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस्तीफा कब होगा? दरअसल, संविधान के नियमों के अनुसार कोई भी व्यक्ति एक साथ दो सदनों का सदस्य नहीं रह सकता . लेकिन यह नियम तभी लागू होता है जब चुनाव परिणाम का गजट नोटिफिकेशन जारी हो जाए . अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, इसलिए तकनीकी रूप से नीतीश कुमार के पास समय है . इसी वजह से वे अभी भी विधान परिषद सदस्य और मुख्यमंत्री दोनों पदों पर बने हुए हैं .
खरमास का फैक्टर: राजनीति में शुभ-अशुभ
इस्तीफे में देरी के पीछे एक दिलचस्प वजह ‘खरमास’ भी मानी जा रही है . हिंदू मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में कोई बड़ा या शुभ कार्य नहीं किया जाता . खरमास 13 अप्रैल को खत्म होगा, जिसके बाद 14 अप्रैल से मांगलिक कार्य शुरू होंगे . राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नई सरकार का गठन जैसे बड़े फैसले के लिए इस अवधि के खत्म होने का इंतजार किया जा सकता है .
नई सरकार का फॉर्मूला: किसे मिलेगी कुर्सी?
नीतीश कुमार के हटते ही बिहार में सत्ता का समीकरण बदल सकता है . चर्चा है कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में नई सरकार बनेगी और पहली बार पार्टी का अपना मुख्यमंत्री होगा . इस रेस में कई नाम सामने आ रहे हैं, लेकिन अभी तक किसी पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है . वहीं, गठबंधन संतुलन बनाए रखने के लिए जेडीयू को उपमुख्यमंत्री पद मिलने की संभावना जताई जा रही है .
निष्कर्ष: फैसला तय, समय बाकी
कुल मिलाकर तस्वीर लगभग साफ है कि नीतीश कुमार अब बिहार की राजनीति से धीरे-धीरे दूरी बनाकर केंद्र की ओर बढ़ रहे हैं . हालांकि, इस्तीफे का समय अभी भी सस्पेंस में है . क्या यह फैसला खरमास के बाद होगा या उससे पहले कोई बड़ा राजनीतिक कदम उठेगा यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा . फिलहाल, बिहार की राजनीति में हर नजर इसी सवाल पर टिकी है कि “कुर्सी कब खाली होगी?”














