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घोटालों की राजधानी: ‘आप’ के राज में अरबों का खेल, मनी लॉन्ड्रिंग के तीन नए केस दर्ज
Authored By: Nishant Singh
Published On: Friday, July 18, 2025
Last Updated On: Friday, July 18, 2025
राजनीति के मंच पर एक नई पटकथा लिखी जा रही है. जिसमें किरदार वही पुराने हैं, लेकिन शक की परछाइयां गहराती जा रही हैं. दिल्ली की सत्ता संभालने वाले 'आप' नेता अब एक बार फिर ईडी की निगाहों में हैं. अस्पताल निर्माण से लेकर सीसीटीवी और शेल्टर होम प्रोजेक्ट तक, हर योजना में घोटाले की गूंज सुनाई दे रही है. सवाल उठ रहे हैं, सबूत जुटाए जा रहे हैं और तफ्तीश की आहट तेज़ हो चुकी है. क्या अब जनता के नाम पर हुआ विकास एक छलावा बन चुका है? या फिर ये सिर्फ एक राजनीतिक शतरंज की नई चाल है?
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Friday, July 18, 2025
AAP Scandal: राजनीति के गलियारों में फिर से हलचल मच गई है. जिस पार्टी ने खुद को ईमानदारी की मिसाल बताया, वो अब सवालों के घेरे में है. दिल्ली की सत्ता में बैठे जिन चेहरों पर जनता ने भरोसा जताया था, अब वही चेहरे जांच एजेंसियों के निशाने पर हैं. एक बार फिर ‘आप’ यानी आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोपों की बौछार हो रही है. फाइलें खुल रही हैं, रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और ईडी की नजर अब सीधे दिल्ली सरकार के कार्यकाल में हुए कथित घोटालों पर टिक गई है. ये मामला सिर्फ भ्रष्टाचार का नहीं, बल्कि उस भरोसे की टूटन का है, जो जनता ने बदलाव के नाम पर जताया था. तो क्या अब ईमानदारी के नाम पर मिली ताक़त खुद के खिलाफ ही हथियार बन चुकी है? कहानी अब शुरू होती है…
फिर ईडी के निशाने पर ‘आप’
आम आदमी पार्टी के नेता एक बार फिर ईडी की रडार पर आ गए हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली सरकार के कार्यकाल के दौरान सामने आए तीन बड़े कथित घोटालों में मनी लॉन्ड्रिंग के केस दर्ज कर लिए हैं. ये मामले अस्पताल निर्माण, सीसीटीवी परियोजना और शेल्टर होम से संबंधित हैं.
ईडी ने इन मामलों में इन्फोर्समेंट केस इनफॉर्मेशन रिपोर्ट दर्ज की है और जल्द ही आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेताओं को पूछताछ के लिए समन भेजे जा सकते हैं.
पूछताछ की तैयारी, समन की आहट
पहला मामला 5,590 करोड़ रुपए के अस्पताल निर्माण घोटाले से जुड़ा हुआ है. इस घोटाले में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज और सत्येंद्र जैन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. साल 2018-19 में दिल्ली सरकार द्वारा 24 अस्पताल परियोजनाएं मंजूर की गई थीं. इन आईसीयू अस्पतालों को छह महीने में तैयार करना था, लेकिन तीन साल बाद भी निर्माण कार्य अधूरा है. अब तक करीब 800 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं, लेकिन सिर्फ 50 प्रतिशत काम ही पूरा हुआ है. इसके अलावा, एलएनजेपी अस्पताल की लागत 488 करोड़ से बढ़कर 1,135 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है.
सीसीटीवी के पीछे छिपा ‘काला सच’
दूसरा मामला 571 करोड़ रुपए के सीसीटीवी घोटाले से जुड़ा है. 2019 में दिल्ली के 70 विधानसभा क्षेत्रों में 1.4 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बनाई गई थी. यह ठेका भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (भेल) को दिया गया, लेकिन परियोजना समय पर पूरी नहीं हुई. भेल पर 17 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया, जिसे बाद में बिना किसी स्पष्ट कारण के माफ कर दिया गया था.
तीसरा मामला 207 करोड़ की गड़बड़ी का डीयूएसआईबी शेल्टर होम घोटाले से जुड़ा है. दिल्ली अर्बन शेल्टर इंप्रूवमेंट बोर्ड (डीयूएसआईबी) से जुड़ी परियोजनाओं में भी गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ है.
जांच की जद में ‘आप’ के दिग्गज
आरोप है कि फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद के जरिये 207 करोड़ रुपए की हेराफेरी की गई. लॉकडाउन के दौरान कागजों में दिखाया गया कि 250 करोड़ रुपए का शेल्टर होम का काम ‘घोस्ट वर्कर्स’ के नाम पर दर्शाया गया. इन कर्मचारियों की सैलरी नेताओं तक कमीशन के रूप में पहुंचाने का आरोप है.
सूत्रों के अनुसार, इन सभी मामलों की जांच सीबीआई और एसीबी पहले से ही कर रही हैं और इन्हीं जांच एजेंसियों की एफआईआर के आधार पर ईडी ने अब मनी लॉन्ड्रिंग के केस दर्ज किए हैं. संभावना है कि जल्द ही आम आदमी पार्टी के बड़े नेताओं से पूछताछ शुरू हो सकती है.
(आईएएनएस इनपुट के साथ)















