Bengal Elections 2026: कांग्रेस का घोषणा पत्र जारी, महिलाओं को 2000 और किसानों को 15000 देने का वादा, बड़े वादे और नई रणनीति
Authored By: Nishant Singh
Published On: Wednesday, April 8, 2026
Last Updated On: Wednesday, April 8, 2026
Bengal Elections 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के लिए कांग्रेस ने घोषणा पत्र जारी कर महिलाओं को 2000 रुपये मासिक, किसानों को 15 हजार सालाना, मुफ्त बिजली और रोजगार के वादे किए. पार्टी ने AI सेक्टर, कानून-व्यवस्था सुधार और भ्रष्टाचार पर सख्ती का भरोसा देते हुए खुद को तीसरा विकल्प बताया.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Wednesday, April 8, 2026
Bengal Elections 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी हलचल तेज हो चुकी है, और इसी बीच कांग्रेस ने अपना घोषणा पत्र जारी कर चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है. पार्टी ने इस बार सीधे जनता के मुद्दों पर फोकस करते हुए महिलाओं, किसानों और युवाओं को केंद्र में रखा है. मंच पर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जिन्होंने इस घोषणा पत्र को “बंगाल के पुनर्निर्माण का रोडमैप” बताया.
महिलाओं और किसानों के लिए बड़े वादे
कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में महिलाओं को हर महीने 2000 रुपये देने का वादा किया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके. वहीं किसानों के लिए सालाना 15 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है. इसके साथ ही मुफ्त बिजली और बेहतर फसल खरीद व्यवस्था का भरोसा भी दिया गया है. पार्टी का कहना है कि इन कदमों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत मिलेगी और किसानों की आय में स्थिरता आएगी.
युवाओं के लिए रोजगार और AI सेक्टर पर फोकस
युवाओं को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने सभी सरकारी खाली पदों को भरने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का वादा किया है. खास बात यह है कि पार्टी ने हर जिले में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर विकसित करने की योजना पेश की है, जिससे नए स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा और तकनीकी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. यह पहल बंगाल को एक टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है.
TMC और BJP पर सीधा हमला
घोषणा पत्र जारी करते हुए कांग्रेस ने तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा. पार्टी का आरोप है कि पिछले 15 वर्षों में राज्य में उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में अपेक्षित विकास नहीं हुआ. वहीं बीजेपी पर सांप्रदायिक राजनीति और ध्रुवीकरण का आरोप लगाया गया. कांग्रेस ने खुद को “तीसरा विकल्प” बताते हुए दावा किया कि वह विकास और सामाजिक सौहार्द की राजनीति लेकर आई है.
कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर सख्ती का वादा
कांग्रेस ने राज्य में कानून-व्यवस्था सुधारने का बड़ा वादा किया है. पार्टी का कहना है कि बंगाल में ‘कानून का राज’ स्थापित किया जाएगा और अपराधियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा. भ्रष्टाचार को लेकर भी पार्टी ने सख्त रुख अपनाया है और हाल के मामलों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी.
महिलाओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर फोकस
महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना का वादा किया गया है. इसके अलावा मुफ्त शिक्षा और 10 लाख रुपये तक का सरकारी स्वास्थ्य बीमा देने की घोषणा भी की गई है. कांग्रेस का मानना है कि इन योजनाओं से महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आएगा.
तीसरा विकल्प बनने की कोशिश
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस इस बार बंगाल में अकेले चुनाव लड़ रही है और जनता को एक नया विकल्प देने की कोशिश कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, जबकि कांग्रेस राज्य में नई दिशा देने का प्रयास कर रही है.
क्या बदलेगा बंगाल का सियासी समीकरण?
कांग्रेस का यह घोषणा पत्र साफ संकेत देता है कि पार्टी इस बार बंगाल में मजबूत वापसी की तैयारी में है. महिलाओं, किसानों और युवाओं को केंद्र में रखकर बनाई गई रणनीति चुनावी मैदान में कितना असर दिखाएगी, यह तो आने वाला वक्त बताएगा. लेकिन इतना तय है कि इस घोषणा पत्र ने बंगाल की राजनीति में एक नया मोड़ जरूर ला दिया है.
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