संसद में एक बार फिर नोटों की गड्डी, जांच के बीच सियासी बयानों का ऐसा है जोर
Authored By: सतीश झा
Published On: Friday, December 6, 2024
Updated On: Friday, December 6, 2024
संसद में नोटों की गड्डी का मामला एक बार फिर से राजनीतिक विवाद का विषय बन गया है। राज्यसभा में सुरक्षा अधिकारियों ने सीट नंबर 222 से नोटों की एक गड्डी बरामद की थी, जो वर्तमान में तेलंगाना राज्य से निर्वाचित अभिषेक मनु सिंघवी को आवंटित है। इस घटना के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है, और विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
Authored By: सतीश झा
Updated On: Friday, December 6, 2024
राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ (Chairman Jagdeep Dhankhar)ने कहा, “मैं सदस्यों को सूचित करना चाहता हूं कि कल सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद सदन की नियमित जांच के दौरान, सुरक्षा अधिकारियों ने सीट संख्या 222 से नोटों की एक गड्डी बरामद की, जो वर्तमान में तेलंगाना (Telangana) राज्य से निर्वाचित अभिषेक मनु सिंघवी को आवंटित है। यह मामला मेरे संज्ञान में लाया गया था, और मैंने सुनिश्चित किया कि जांच हो और यह जांच चल रही है।
राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा (Union Minister J.P. Nadda) ने कहा, “यह घटना बहुत ही असाधारण है। इससे सदन की गरिमा को ठेस पहुंची है। महोदय, मुझे आपके फैसले पर भरोसा है कि विस्तृत जांच कराई जाएगी। भाजपा सांसद रवि किशन (MP Ravi Kishan)ने कहा, “संसद से नोटों की गड्डी बरामद होना जांच का विषय है। यह बहुत चौंकाने वाला है।
कांग्रेस सांसद और अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी (Congress MP and advocate Abhishek Manu Singhvi) ने कहा, “मैं इस बारे में सुनकर ही हैरान हूं। मैंने इसके बारे में कभी नहीं सुना। मैं कल दोपहर 12.57 बजे सदन के अंदर पहुंचा। सदन से दोपहर 1 बजे उठा। दोपहर 1 से 1:30 बजे तक मैं अयोध्या प्रसाद के साथ कैंटीन में बैठा और लंच किया। दोपहर 1:30 बजे मैं संसद से चला गया। इसलिए कल मैं सदन में कुल 3 मिनट और कैंटीन में 30 मिनट रहा। मुझे यह अजीब लगता है कि ऐसे मुद्दों पर भी राजनीति की जाती है। बेशक इस बात की जांच होनी चाहिए कि लोग कैसे कहीं भी किसी भी सीट पर कुछ भी रख सकते हैं। इसका मतलब है कि हममें से हर किसी के पास एक सीट होनी चाहिए, जहां सीट को लॉक किया जा सके और चाबी सांसद अपने साथ ले जा सकें, क्योंकि फिर हर कोई सीट पर बैठकर कुछ भी कर सकता है और इस बारे में आरोप लगा सकता है। अगर यह दुखद और गंभीर नहीं होता तो यह हास्यास्पद होता…”
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राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने कहा, “मैं निवेदन करता हूं कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और घटना की प्रामाणिकता स्थापित नहीं हो जाती, तब तक किसी सदस्य का नाम उजागर नहीं किया जाना चाहिए।
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