महाराष्ट्र के परभणी में अंबेडकर की प्रतिमा को लेकर हिंसा, वाहनों में आगजनी और पथराव

Authored By: सतीश झा

Published On: Wednesday, December 11, 2024

Parbhani Violence (Maharashtra)

महाराष्ट्र के परभणी जिले में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास लगी संविधान की प्रतिकृति को क्षतिग्रस्त किए जाने के बाद हिंसा भड़क उठी। प्रदर्शनकारियों ने वाहनों में आग लगा दी और पत्थरबाजी की। उन्होंने दोषियों को कड़ी सजा देने और संविधान तथा बाबा साहेब अंबेडकर के अपमान को बर्दाश्त न करने का संकल्प लिया।

Authored By: सतीश झा

Updated On: Wednesday, December 11, 2024

बताया जा रहा है कि परभणी शहर में कलेक्टर कार्यालय के पास लगी डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की मूर्ति के सामने रखी संविधान की प्रति का मंगलवार शाम को किसी शख्स ने अपमान किया। इस घटना के विरोध में आज परभणी शहर में बंद बुलाया गया था। इस दौरान हिंसा भड़क उठी। घटना के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।

घटना का विवरण

एक अज्ञात व्यक्ति ने परभणी रेलवे स्टेशन के बाहर बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा के पास संविधान की प्रतिकृति को तोड़ दिया। इस घटना ने इलाके में आक्रोश फैला दिया, जिससे प्रदर्शनकारियों ने उग्र रूप ले लिया।

24 घंटे के अंदर उपद्रवियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो

वंचित बहुजन अघाड़ी (वीबीए) प्रमुख प्रकाश अंबेडकर ने कहा, “परभणी में जातिवादी मराठा उपद्रवियों द्वारा बाबा साहेब की प्रतिमा के साथ रखी भारतीय संविधान को क्षतिग्रस्त करना बेहद शर्मनाक है। यह पहली बार नहीं है कि बाबा साहब की मूर्ति या दलित अस्मिता के प्रतीक के साथ ऐसा किया गया है। वीबीए परभणी जिले के कार्यकर्ता सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे और उनके विरोध के कारण पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और एक उपद्रवी को गिरफ्तार कर लिया। मैं सभी से कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने का अनुरोध करता हूं। अगर अगले 24 घंटे के अंदर सभी उपद्रवियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो परिणाम भुगतना होगा।“

प्रकाश अंबेडकर ने पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने और एक आरोपी की गिरफ्तारी का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि सभी दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो प्रदर्शन जारी रह सकता है।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हिंसा पर नियंत्रण पाने के लिए सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्थिति अभी तनावपूर्ण बनी हुई है, और प्रदर्शनकारियों ने दोषियों की गिरफ्तारी की मांग पर जोर दिया है।

About the Author: सतीश झा
सतीश झा की लेखनी में समाज की जमीनी सच्चाई और प्रगतिशील दृष्टिकोण का मेल दिखाई देता है। बीते 20 वर्षों में राजनीति, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचारों के साथ-साथ राज्यों की खबरों पर व्यापक और गहन लेखन किया है। उनकी विशेषता समसामयिक विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना और पाठकों तक सटीक जानकारी पहुंचाना है। राजनीति से लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्दों तक, उनकी गहन पकड़ और निष्पक्षता ने उन्हें पत्रकारिता जगत में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है
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