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घर से 50 मीटर पहले घात, बारिश वाली रात में ऐसे रची गई चंद्रनाथ रथ हत्या की साजिश
Authored By: Nishant Singh
Published On: Thursday, May 7, 2026
Last Updated On: Thursday, May 7, 2026
मध्यमग्राम में बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या ने सनसनी फैला दी. बारिश भरी सुनसान रात में घर से 50 मीटर पहले घात लगाकर हमला किया गया. हमलावरों ने रास्ता रोककर ताबड़तोड़ फायरिंग की और फरार हो गए. पुलिस CCTV, फॉरेंसिक और चश्मदीदों के आधार पर जांच कर रही है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Thursday, May 7, 2026
Chandranath Rath Murder Conspiracy: पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम में बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है. शुरुआती जांच और स्थानीय लोगों के बयानों से यह साफ होता जा रहा है कि यह हमला अचानक नहीं, बल्कि पूरी प्लानिंग के साथ किया गया था. जिस तरह हमलावरों ने सुनसान सड़क, खराब मौसम और तय समय का इस्तेमाल किया, उसने इस वारदात को और भी खौफनाक बना दिया.
घटना वाली रात इलाके में तेज बारिश हो रही थी. रात 9 बजे के बाद बाजार बंद हो चुके थे और सड़कें लगभग खाली थीं. इसी सन्नाटे का फायदा उठाकर हमलावरों ने अपने टारगेट को घेर लिया. लोगों का कहना है कि गोलियों की आवाज सुनते ही इलाके में दहशत फैल गई और हर कोई घरों से बाहर निकल आया.
रोज़ की दिनचर्या पर थी हमलावरों की नजर
स्थानीय लोगों के मुताबिक चंद्रनाथ rath पिछले करीब दो साल से मध्यमग्राम के दोहरिया इलाके में रह रहे थे. उनका रोज़ का रूटीन लगभग तय था. वे दिनभर सुवेंदु अधिकारी के साथ काम करने के बाद रात करीब 10 से 11 बजे के बीच घर लौटते थे.
जांच एजेंसियों का मानना है कि हमलावर कई दिनों से उनकी मूवमेंट पर नजर रख रहे थे. उन्हें यह अच्छी तरह पता था कि चंद्रनाथ रथ किस समय किस रास्ते से घर पहुंचते हैं. यही वजह है कि हमला बिल्कुल उसी समय और उसी जगह किया गया जहां बच निकलना मुश्किल था.
40 मिनट पहले से बिछ चुका था जाल
चश्मदीदों ने पुलिस को बताया कि एक बाइक सवार संदिग्ध घटना से करीब 40 मिनट से एक घंटे पहले से इलाके में घूम रहा था. वह लगातार सड़क और आने-जाने वालों पर नजर बनाए हुए था. इससे साफ है कि हमलावर जल्दबाजी में नहीं थे, बल्कि पूरी तैयारी के साथ सही मौके का इंतजार कर रहे थे. पुलिस को शक है कि यह पूरी वारदात रेकी के बाद अंजाम दी गई. हमलावरों ने पहले से तय कर लिया था कि हमला कहां और कैसे करना है. यही कारण है कि पूरी घटना कुछ ही मिनटों में खत्म हो गई.
घर से सिर्फ 50 मीटर पहले रोकी गई स्कॉर्पियो
जिस जगह हमला हुआ, वह चंद्रनाथ रथ के घर से महज 50 मीटर दूर थी. मुख्य सड़क से अंदर की ओर जाने वाला रास्ता काफी सुनसान रहता है और रात के समय वहां रोशनी भी कम होती है. हमलावरों ने इसी जगह को अपने प्लान के लिए चुना.
जैसे ही चंद्रनाथ रथ की स्कॉर्पियो मुख्य सड़क से मुड़कर अंदर पहुंची, आगे चल रही एक कार ने अचानक ब्रेक लगाकर रास्ता रोक दिया. उसी समय पीछे से बाइक सवार हमलावर आ गया और दोनों तरफ से गाड़ी को घेर लिया गया. इससे चंद्रनाथ रथ और उनके ड्राइवर को संभलने का मौका ही नहीं मिला.
विधानसभा स्टिकर बना पहचान का जरिया
बताया जा रहा है कि स्कॉर्पियो पर विधानसभा का स्टिकर लगा हुआ था. इससे हमलावरों को टारगेट पहचानने में कोई परेशानी नहीं हुई. गाड़ी रुकते ही हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. गोलियों की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग डर गए. कई लोगों ने बताया कि उन्होंने पहले कभी इलाके में ऐसी घटना नहीं देखी. अगले दिन घटनास्थल से कई कारतूस के खोल भी बरामद हुए, जिससे पता चलता है कि हमलावर किसी भी कीमत पर अपना निशाना चूकना नहीं चाहते थे.
वारदात के बाद ऐसे भागे हमलावर
हमले को अंजाम देने के बाद आरोपी ज्यादा देर वहां नहीं रुके. जिस चार पहिया वाहन से रास्ता रोका गया था, उसे मौके पर ही छोड़ दिया गया. इसके बाद हमलावर बाइक से फरार हो गए. पुलिस का मानना है कि यह भी पहले से तैयार प्लान का हिस्सा था. आरोपी जानते थे कि बाइक से भागना ज्यादा आसान और तेज होगा. इसी वजह से उन्होंने मौके पर गाड़ी छोड़ने में भी देर नहीं की.
अस्पताल पहुंचने से पहले खत्म हो गई जिंदगी
- फायरिंग के बाद स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे. घायल हालत में चंद्रनाथ रथ और उनके ड्राइवर को पास के निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने चंद्रनाथ रथ को मृत घोषित कर दिया. ड्राइवर की हालत भी गंभीर बताई जा रही है.
- इस घटना के बाद इलाके में डर और तनाव का माहौल है. लोग अब भी इस बात से हैरान हैं कि घर से कुछ कदम पहले ही इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया गया.
CCTV और फॉरेंसिक जांच पर टिकी उम्मीद
पुलिस अब CCTV फुटेज, फॉरेंसिक जांच और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. हालांकि इलाके में कैमरे कम होने के कारण जांच में दिक्कतें आ रही हैं.
घटनास्थल से बरामद कार को पुलिस ने जब्त कर लिया है और उसमें से सबूत जुटाए जा रहे हैं. अब तक सामने आए सभी तथ्य यही बताते हैं कि यह हत्या पूरी तरह से टारगेटेड और प्री-प्लान्ड थी. बारिश वाली सुनसान रात, पहले से घात लगाकर इंतजार और दो वाहनों से घेराबंदी इन सबने इस वारदात को बेहद खतरनाक और सुनियोजित बना दिया.
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