NEET Re-Exam 2026: एयरफोर्स, AI और कड़ी निगरानी के बीच क्या इस बार रुकेगा पेपर लीक?
Authored By: Nishant Singh
Published On: Saturday, June 20, 2026
Updated On: Saturday, June 20, 2026
NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं. वायुसेना की मदद से प्रश्नपत्र पहुंचाए जा रहे हैं, AI निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन और कड़ी सुरक्षा लागू की गई है. अब नजर इस बात पर है कि ये कदम परीक्षा की विश्वसनीयता कितनी बहाल कर पाते हैं.
Authored By: Nishant Singh
Updated On: Saturday, June 20, 2026
NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को होने जा रही है और इस बार यह सिर्फ एक एंट्रेंस एग्जाम नहीं, बल्कि देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता की भी बड़ी परीक्षा बन गई है. 3 मई को आयोजित मूल परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई थी, जिसके चलते करीब 23 लाख छात्रों को फिर से परीक्षा देनी पड़ रही है. ऐसे में सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सुरक्षा के ऐसे इंतजाम किए हैं, जिन्हें अब तक की सबसे कड़ी परीक्षा व्यवस्था माना जा रहा है.
आसमान से पहुंच रहे हैं प्रश्नपत्र
इस बार प्रश्नपत्रों की सुरक्षित डिलीवरी सबसे बड़ी चुनौती थी. समय कम होने के कारण भारतीय वायुसेना को इस मिशन में शामिल किया गया. पिछले कुछ दिनों में 200 से अधिक उड़ानों के जरिए सीलबंद प्रश्नपत्र देशभर के विभिन्न क्षेत्रीय केंद्रों तक पहुंचाए गए. इसके बाद इन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा केंद्रों तक भेजा जाएगा. खास बात यह है कि प्रश्नपत्र वाली तिजोरी परीक्षा शुरू होने से केवल 45 मिनट पहले प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस की मौजूदगी में खोली जाएगी.
फर्जी पेपर लीक गैंग पर डिजिटल कार्रवाई
परीक्षा से पहले सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर फर्जी पेपर लीक के नाम पर ठगी का कारोबार तेजी से बढ़ रहा था. कई चैनल छात्रों से हजारों और लाखों रुपये तक की मांग कर रहे थे. इसी को देखते हुए सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए संबंधित प्लेटफॉर्म पर अस्थायी रोक लगाई. उद्देश्य यह था कि अफवाहों और फर्जी सूचनाओं के जरिए छात्रों को गुमराह होने से बचाया जा सके.
पेपर तैयार करने वालों पर भी कड़ी निगरानी
इस बार केवल परीक्षा केंद्रों पर ही नहीं, बल्कि प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में भी अभूतपूर्व सुरक्षा अपनाई गई है. पेपर सेट करने, मॉडरेशन और अनुवाद से जुड़े विशेषज्ञों को एक सुरक्षित स्थान पर रखा गया है, जहां इंटरनेट, मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों की अनुमति नहीं है. पूरी प्रक्रिया को अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है ताकि किसी एक व्यक्ति को पूरी जानकारी न मिल सके.
परीक्षा केंद्र बनेंगे हाई-टेक सुरक्षा जोन
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा का स्तर पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होगा. प्रत्येक छात्र की बायोमेट्रिक पहचान, फेस रिकॉग्निशन और लाइव फोटो सत्यापन किया जाएगा. इसके अलावा हाई-डेफिनिशन CCTV कैमरे, AI आधारित निगरानी प्रणाली और 5G जैमर लगाए गए हैं ताकि किसी भी तरह की नकल या बाहरी संपर्क की संभावना खत्म हो सके.
परीक्षा केंद्रों पर प्रमुख सुरक्षा उपाय
- बायोमेट्रिक और फेस वेरिफिकेशन
- तीन स्तर की सुरक्षा जांच
- AI आधारित निगरानी कैमरे
- 5G जैमर और नेटवर्क ब्लॉकिंग
- 90 दिनों तक CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की व्यवस्था
- परीक्षा समाप्त होने से पहले बाहर निकलने पर रोक
क्या ये इंतजाम पूरी तरह सफल होंगे?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले के मुकाबले कहीं अधिक मजबूत है. हालांकि 23 लाख छात्रों और सैकड़ों शहरों में परीक्षा आयोजित करना अपने आप में बड़ी चुनौती है. तकनीकी और मानवीय त्रुटियों की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं की जा सकती. फिर भी एयरफोर्स की मदद, डिजिटल निगरानी, AI तकनीक और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था यह संकेत देती है कि इस बार परीक्षा को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया गया है.
NEET Re-Exam 2026 अब केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भरोसे और देश की शिक्षा व्यवस्था की साख को बचाने की सबसे बड़ी परीक्षा बन चुका है.
यह भी पढ़ें :- NEET री-एग्जाम से पहले बड़ा एक्शन, Telegram पर लगी रोक, पेपर लीक माफिया पर सरकार की सख्ती
यह भी पढ़ें
news via inbox
समाचार जगत की हर खबर, सीधे आपके इनबॉक्स में - आज ही हमारे न्यूजलेटर को सब्सक्राइब करें।
[newsletter_form]














