सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा? कार्डियोलॉजिस्ट ने बताई वजह
Authored By: Galgotias Times Bureau
Published On: Thursday, December 18, 2025
Updated On: Thursday, December 18, 2025
सर्दियों में ठंड, संक्रमण और कम गतिविधि के कारण दिल पर ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है. हृदय विशेषज्ञ बताते हैं कि सही खानपान, नियमित हल्की एक्सरसाइज, गर्म कपड़े और संक्रमण से बचाव करके दिल को सुरक्षित रखा जा सकता है.
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Updated On: Thursday, December 18, 2025
Winter Heart Attack Risk: सर्दियों का मौसम ठंडी और सुहावनी सुबहों के साथ गर्म चाय-कॉफी का मज़ा तो देता है, लेकिन यह दिल के मरीजों के लिए जोखिम भरा भी हो सकता है. डॉक्टरों के अनुसार, इस मौसम में हार्ट अटैक और दिल से जुड़ी अन्य आपात स्थितियों के मामले बढ़ जाते हैं. ठंड के कारण शरीर की रक्त नलिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे खून का प्रवाह बनाए रखने के लिए दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. इससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और दिल पर दबाव पड़ता है. जिन लोगों को पहले से हाई बीपी, डायबिटीज या कोरोनरी आर्टरी डिजीज है, उनके लिए यह खतरा और ज्यादा हो जाता है. इसलिए सर्दियों में दिल की सेहत का खास ध्यान रखना जरूरी है.
सर्दियों में दिल की सेहत पर क्या असर पड़ता है?
एचटी लाइफस्टाइल से बातचीत में बेंगलुरु के केआईएमएस अस्पताल के कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी विभाग के निदेशक व वरिष्ठ डॉक्टर डॉ. राजेश टी.आर. ने बताया कि सर्दियों का मौसम दिल की सेहत को कैसे प्रभावित करता है. उन्होंने समझाया कि ठंड के कारण शरीर में कई बदलाव होते हैं, जो दिल पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं और हार्ट से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ा सकते हैं.
ठंड में रक्त नलिकाओं पर असर
डॉ. राजेश बताते हैं कि सर्दियों में ठंड लगने पर शरीर अपनी गर्मी बचाने के लिए रक्त नलिकाओं को सिकोड़ लेता है. इससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है.
वे कहते हैं कि गर्म कमरे से अचानक ठंडी हवा में जाना या बिना गर्म कपड़ों के सुबह की सैर पर निकलना दिल के लिए नुकसानदायक हो सकता है. तापमान में अचानक बदलाव से दिल की धड़कन तेज हो जाती है और रक्तचाप बढ़ता है. जिन लोगों की धमनियों में पहले से रुकावट होती है, उनमें दिल तक खून कम पहुंचता है, जिससे सीने में दर्द और हार्ट अटैक का खतरा काफी बढ़ जाता है.
सर्दियों में सांस से जुड़ी बीमारियों का असर
डॉ. राजेश के अनुसार, ठंड के मौसम में फ्लू, वायरल इंफेक्शन और निमोनिया के मामले बढ़ जाते हैं. ये बीमारियां शरीर में सूजन पैदा करती हैं और ऑक्सीजन का स्तर घटा सकती हैं. इसका असर खासतौर पर उन लोगों पर ज्यादा पड़ता है, जिन्हें पहले से दिल की बीमारी है, और उनकी हालत और गंभीर हो सकती है.
सर्दियों में कम होती शारीरिक गतिविधि
डॉ. राजेश बताते हैं कि ठंड के मौसम में लोग अक्सर सुस्त हो जाते हैं और नियमित व्यायाम करना मुश्किल लगने लगता है. इसका नतीजा वजन बढ़ने, रक्त संचार धीमा होने और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के रूप में सामने आता है. वे कहते हैं कि शारीरिक गतिविधि कम होने से दिल की बीमारियों का खतरा सीधे तौर पर बढ़ जाता है, इसलिए सर्दियों में भी एक्टिव रहना बहुत जरूरी है.
सर्दियों में गलत खानपान की आदतें
डॉ. राजेश के अनुसार, ठंड के मौसम में लोग ज्यादा तला-भुना, नमक और फैट से भरपूर खाना खाने लगते हैं. ऐसे भारी और आराम देने वाले भोजन से ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है. इससे दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और हृदय से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है.
सर्दियों में खून का गाढ़ा होना
डॉ. राजेश बताते हैं कि ठंडे मौसम में खून थोड़ा गाढ़ा हो सकता है. इससे खून का बहाव धीमा पड़ता है और थक्के बनने का खतरा बढ़ जाता है. इसका असर खासतौर पर बुजुर्गों पर ज्यादा होता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ सकता है.
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