पूरे देश में यही सवाल – कौन होगा BJP का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष?

पूरे देश में यही सवाल – कौन होगा BJP का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष?

Authored By: सतीश झा

Published On: Wednesday, March 26, 2025

Updated On: Wednesday, March 26, 2025

बीजेपी के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर सवाल, अमित शाह, जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी की तस्वीर।
बीजेपी के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर सवाल, अमित शाह, जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी की तस्वीर।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर पूरे देश में चर्चाओं का दौर तेज़ हो गया है. पार्टी के भीतर और बाहर, हर कोई यह जानना चाहता है कि मौजूदा अध्यक्ष जेपी नड्डा के बाद यह महत्वपूर्ण पद किसे सौंपा जाएगा. आगामी लोकसभा चुनाव 2029 और विभिन्न राज्यों में होने वाले चुनावों को देखते हुए भाजपा के लिए यह निर्णय न केवल संगठनात्मक रूप से बल्कि राजनीतिक दृष्टिकोण से भी बेहद अहम होगा.

Authored By: सतीश झा

Updated On: Wednesday, March 26, 2025

BJP Leadership Change : इस बार चर्चा है कि भाजपा को पहली बार महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकती है. यदि ऐसा होता है, तो यह पार्टी के इतिहास में एक महत्वपूर्ण बदलाव होगा और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जाएगा. भाजपा ने हाल के वर्षों में महिला नेतृत्व को विशेष महत्व दिया है. पार्टी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति बनाकर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया था. इसके अलावा, विभिन्न राज्यों में महिला नेताओं को अहम जिम्मेदारियां दी जा रही हैं. ऐसे में अब राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर भी महिला नेता की नियुक्ति की संभावना प्रबल हो गई है.

भाजपा अध्यक्ष पद का महत्व

भाजपा एक कैडर-बेस्ड पार्टी है, जहां संगठन की भूमिका सरकार से कम महत्वपूर्ण नहीं होती. पार्टी अध्यक्ष की भूमिका सिर्फ चुनावी रणनीति बनाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह कार्यकर्ताओं को दिशा देने, गठबंधन सहयोगियों को साधने और विपक्ष को कड़ी चुनौती देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. मोदी-शाह युग में भाजपा का कार्यप्रणाली पूरी तरह से प्रबंधन और अनुशासन पर केंद्रित रही है, ऐसे में नया अध्यक्ष भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाएगा.

संभावित नाम कौन-कौन से?

भाजपा में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए कई नाम चर्चा में हैं, जिनमें कुछ प्रमुख नाम ये हैं:

भूपेंद्र यादव : केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव संगठनात्मक कौशल के लिए जाने जाते हैं. वह लंबे समय तक भाजपा के विभिन्न चुनावी अभियानों में रणनीतिक भूमिका निभा चुके हैं. संघ के साथ भी उनका गहरा संबंध है, जिससे उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है.

धर्मेंद्र प्रधान : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी संभावित उम्मीदवारों में से एक हैं. उनकी ओड़िशा और पूर्वी भारत में अच्छी पकड़ है. भाजपा आने वाले वर्षों में इन क्षेत्रों में विस्तार करना चाहती है.

शिवराज सिंह चौहान : मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अनुभवी और लोकप्रिय नेता हैं. संगठन में उनकी स्वीकृति व्यापक है. जनता के बीच उनकी छवि सहज और सरल नेता की बनी हुई है.

स्मृति ईरानी : केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भाजपा में सबसे मजबूत महिला नेताओं में से एक हैं. उन्होंने अमेठी में राहुल गांधी को हराकर भाजपा के लिए बड़ी जीत हासिल की थी. संगठनात्मक कौशल और आक्रामक शैली के कारण वे एक प्रभावशाली उम्मीदवार हो सकती हैं.

निर्मला सीतारमण : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का नाम भी इस दौड़ में है. वे भाजपा के आर्थिक और नीतिगत मामलों की प्रमुख रणनीतिकार हैं. पार्टी संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाए रखने की उनकी क्षमता उन्हें एक मजबूत दावेदार बनाती है.

किरण माहेश्वरी / कोई अन्य महिला संघ नेत्री : राजस्थान की दिवंगत नेत्री किरण माहेश्वरी जैसी जमीनी महिला नेताओं की तरह संघ से जुड़ी अन्य महिला नेता भी इस पद के लिए संभावित हो सकती हैं. संघ में कई महिला नेत्रियां संगठन में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा रही हैं, जिनमें से किसी को भाजपा अध्यक्ष बनाया जा सकता है.

किसी अन्य पिछड़ा वर्ग नेता : भाजपा की सोशल इंजीनियरिंग को देखते हुए इस बात की भी संभावना जताई जा रही है कि इस बार कोई ओबीसी चेहरा अध्यक्ष बन सकता है. उत्तर भारत में भाजपा का जनाधार मजबूत बनाए रखने के लिए किसी अन्य पिछड़ा वर्ग के नेता को मौका दिया जा सकता है.

मोदी-शाह की रणनीति होगी निर्णायक

भाजपा में राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव महज औपचारिक प्रक्रिया नहीं होती, बल्कि यह पूरी तरह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति पर निर्भर करता है। मोदी-शाह की जोड़ी किसी ऐसे नेता को चुनेगी जो 2029 के आम चुनाव में भाजपा की चुनावी संभावनाओं को और मजबूत कर सके.

संघ की भूमिका भी अहम

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) भी इस फैसले में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.भाजपा और संघ के बीच संगठनात्मक संतुलन बनाए रखना हमेशा से एक प्राथमिकता रही है. ऐसे में अध्यक्ष पद पर किसी ऐसे नेता की नियुक्ति हो सकती है जो संघ की विचारधारा को मजबूती से आगे बढ़ाए. अब सबकी निगाहें भाजपा के शीर्ष नेतृत्व पर हैं – क्या कोई सरप्राइज मिलेगा, या फिर अनुभवी चेहरों में से ही कोई इस अहम पद की कमान संभालेगा?

About the Author: सतीश झा
सतीश झा की लेखनी में समाज की जमीनी सच्चाई और प्रगतिशील दृष्टिकोण का मेल दिखाई देता है। बीते 20 वर्षों में राजनीति, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचारों के साथ-साथ राज्यों की खबरों पर व्यापक और गहन लेखन किया है। उनकी विशेषता समसामयिक विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना और पाठकों तक सटीक जानकारी पहुंचाना है। राजनीति से लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्दों तक, उनकी गहन पकड़ और निष्पक्षता ने उन्हें पत्रकारिता जगत में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है
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