युवाओं की दक्षता एवं इनोवेशन को बढ़ा रहा ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट डोमेन में बढ़े मौके एवं वेतन

Authored By: अंशु सिंह

Published On: Friday, November 29, 2024

Updated On: Friday, November 29, 2024

global capacity center software innovation hub

आइटी सेक्टर के प्रति युवाओं का खास रुझान देखा जाता है। लेकिन इस समय सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट डोमेन में न सिर्फ बेहतरीन मौके उपलब्ध हैं, बल्कि इस क्षेत्र के कुशल पेशेवरों को आइटी प्रोडक्ट्स एवं सर्विसेज और गैर-तकनीकी क्षेत्रों से अधिक सैलरी भी ऑफर की जा रही है। इसका खुलासा हुआ है टेक स्टाफिंग एवं लर्निंग सॉल्यूशंस कंपनी टीमलीज डिजिटल की ताजा रिपोर्ट से। वित्त वर्ष 2025 के लिए डिजिटल स्किल्स एवं सैलरी प्राइमर नाम से जारी यह रिपोर्ट आईटी प्रोडक्ट एवं सेवाओं, ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर (जीसीसी) और गैर-तकनीकी उद्योग के तीन प्रमुख तकनीकी क्षेत्रों में नवीनतम उद्योग रुझानों, महत्वपूर्ण कौशल एवं वेतन बेंचमार्क के बारे में जरूरी जानकारी प्रदान करती है। रिपोर्ट वित्त वर्ष 2024 एवं 2025 के बीच कौशल की मांग का तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करती है। इसमें स्किल गैप को भी संबोधित किया गया है और बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयारी करने संबंधी सिफारिशें भी की गई हैं।

Authored By: अंशु सिंह

Updated On: Friday, November 29, 2024

हाइलाइट्स

  • ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर्स द्वारा सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सेक्टर में आईटी प्रोडक्ट्स और गैर तकनीकी क्षेत्रों की तुलना में 50% ज्यादा प्रीमियम सैलरी देने का अनुमान है।
  • वित्त वर्ष 2024 तक भारत के तकनीकी बाजार का आकार 254 बिलियन डॉलर था, जिसका सालाना वृद्धि दर 3.8 फीसदी रही और इसमें 5.6 मिलियन टेक वर्कफोर्स मौजूद था।
  • वर्ष 2020 से 2024 के बीच पायथन, आर, टेंसरफ्लो, पायटॉर्च जैसे टूल्स के साथ एआइ, मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन, आइओटी, रोबोटिक्स प्रोसेस ऑटोमेशन, एज कंप्यूटिंग एवं क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्र में भारत ने अच्छी प्रगति देखी।
  • भारत में केवल 2.5 फीसद इंजीनियर्स के पास एआइ स्किल है और केवल 5.5 फीसदी बुनियादी प्रोग्रामिंग क्षमताओं में योग्यता रखते हैं।
  • वर्तमान में देश में 20.5 लाख महिला तकनीकी पेशेवर हैं।
  • ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर में वर्ष 2027 तक महिला तकनीकी पेशेवरों की संख्या 25 से बढ़कर 35 प्रतिशत होने की उम्मीद है।

युवाओं की दक्षता बढ़ाने एवं उन्हें इनोवेशन के लिए प्रेरित करने में ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर अर्थात् वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) अहम भूमिका निभा रहा है। इस समय देश में 1600 से अधिक जीसीसी हैं, जिनमें 1.66 मिलियन से अधिक पेशेवर कार्य कर रहे हैं। टीमलीज डिजिटल की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, अगले 5 से 6 वर्षों में भारत में 800 नए जीसीसी शुरू हो सकते हैं। अच्छी बात ये है कि मेट्रो शहरों के अलावा कोलकाता, अहमदाबाद एवं वडोदरा जैसे टियर-2 शहरों में जीसीसी स्थापित करने की प्रवृत्ति बढ़ रही है।

सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट डोमेन में आकर्षक वेतन

टीमलीज़ डिजिटल (TeamLease Digital) की रिपोर्ट तकनीकी उद्योग में प्रमुख कार्यात्मक क्षेत्रों की पहचान करती है जिसमें सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट एवं इंजीनियरिंग, क्लाउड सॉल्यूशंस और एंटरप्राइज एप्लिकेशन प्रबंधन, प्रोजेक्ट प्रबंधन और यूजर एक्सपीरिएंस, डाटा प्रबंधन और एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा और नेटवर्क विकास, सिस्टम संचालन और तकनीकी सहायता सेवाएं शामिल हैं। ये क्षेत्र भारत के तकनीकी क्षेत्र को आगे बढ़ाने वाली मुख्य दक्षताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। रिपोर्ट इन डिमांड कौशल और संबंधित वेतन ब्रैकेट के बारे में भी विस्तृत जानकारी मुहैया कराती है। इसमें बताया गया है कि सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट एवं इंजीनियरिंग डोमेन में कोडिंग, डिजाइनिंग एवं सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन के मेंटेनेंस में आकर्षक मौके हैं।

एआइ (AI) एवं मशीन लर्निंग स्किल्स (Machine Learning Skills) होने से प्रोडक्टिविटी, एक्यूरेसी एवं इनोवेशन की प्रवृत्ति तीनों बढ़ जाती है। इससे ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर में एंट्री लेवल पर ही किसी कैंडिडेट को 9.37 लाख सालाना की औसत सैलरी मिल सकती है। जबकि आइटी प्रोडक्ट्स एवं सर्विसेज में 6.23 लाख सालाना एवं गैर-तकनीकी क्षेत्र में 6 लाख रुपये सालाना वेतन मिल सकता है।

साइबर सुरक्षा फील्ड भी नहीं है पीछे

टीमलीज का विश्लेषण भारत के नौकरी बाजार में आने वाले बदलावों को समझने और युवाओं को बेहतर तरीके से तैयार करने में मदद करता है। इससे यह भी पता चलता है कि नौकरी पाने वाले लोगों के लिए नए अवसर कहां पर उपलब्ध होंगे और किन क्षेत्रों में उनका भविष्य उज्ज्वल हो सकता है। जैसे, साइबर सुरक्षा और नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेशन क्षेत्र तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, क्योंकि कंपनियां अपने डाटा और इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा को लेकर सतर्क हो गई हैं। इस डोमेन में जीसीसी की ओर से 9.57 लाख रूपये प्रति वर्ष की औसत सैलरी का प्रस्‍ताव दिया जा रहा है, जो आईटी के अन्य क्षेत्रों से 40.12% ज्यादा है। यह इस बात को साबित करता है कि सुरक्षा में विशेषज्ञता की कितनी जरूरत है। आईटी प्रोडक्ट्स और सर्विसेज में यह सैलरी 6.83 लाख रूपये प्रति वर्ष और गैर-तकनीकी क्षेत्रों में 5.17 लाख रूपये प्रति वर्ष तक हो सकती है।

डाटा मैनेजमेंट एवं एनालिटिक्स डोमेन

जैसा कि सभी जानते हैं, डाटा मैनेजमेंट और एनालिटिक्स में डाटा को इकट्ठा करके उसका विश्लेषण किया जाता है, ताकि बेहतर निर्णय लिए जा सकें। वर्ष 2024-25 के वित्त वर्ष में इस क्षेत्र में ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर की ओर से औसत सैलरी 8.73 लाख रूपये सालाना ऑफर की जा रही है। वहीं, आइटी प्रोडक्ट्स एवं सर्विसेज सेक्टर में औसत सैलरी 7.07 लाख रूपये सालाना, जबकि गैर-तकनीकी क्षेत्रों में 6.37 लाख रूपये सालाना हो सकती है।

इसी प्रकार, क्लाउड सॉल्युशंस और एंटरप्राइज एप्लिकेशन मैनेजमेंट, जो क्लाउड प्लेटफॉर्म्स और ईआरपी (ERP) सिस्टम्स के जरिए खर्च कम करने और कार्य क्षमता बढ़ाने पर जोर देता है, उसमें जीसीसी की ओर से 7.67 लाख रूपये सालाना, आइटी प्रोडक्ट्स में 6.07 लाख रूपये सालाना और गैर-तकनीकी क्षेत्रों में 6.53 लाख रूपये सालाना सैलरी मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि गैर-तकनीकी क्षेत्र क्लाउड सॉल्युशंस के डोमेन में आइटी से लगभग 8% ज्यादा सैलरी ऑफर कर रहा है। क्योंकि बीएफएसआई, हेल्थकेयर और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में क्लाउड टेक्‍नोलॉजी को तेजी से अपनाया जा रहा है।

About the Author: अंशु सिंह
अंशु सिंह पिछले बीस वर्षों से हिंदी पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं। उनका कार्यकाल देश के प्रमुख समाचार पत्र दैनिक जागरण और अन्य राष्ट्रीय समाचार माध्यमों में प्रेरणादायक लेखन और संपादकीय योगदान के लिए उल्लेखनीय है। उन्होंने शिक्षा एवं करियर, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक मुद्दों, संस्कृति, प्रौद्योगिकी, यात्रा एवं पर्यटन, जीवनशैली और मनोरंजन जैसे विषयों पर कई प्रभावशाली लेख लिखे हैं। उनकी लेखनी में गहरी सामाजिक समझ और प्रगतिशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को न केवल जानकारी बल्कि प्रेरणा भी प्रदान करती है। उनके द्वारा लिखे गए सैकड़ों आलेख पाठकों के बीच गहरी छाप छोड़ चुके हैं।
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