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Delhi Assembly Security: दिल्ली विधानसभा सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी, कितने जवान तैनात और हालिया घटना ने क्यों बढ़ाई चिंता?
Authored By: Nishant Singh
Published On: Monday, April 6, 2026
Last Updated On: Monday, April 6, 2026
Delhi Assembly Security: दिल्ली विधानसभा में हालिया सुरक्षा चूक ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. इसकी सुरक्षा मुख्य रूप से दिल्ली पुलिस के अधीन होती है, जबकि विशेष परिस्थितियों में अर्धसैनिक बल भी तैनात किए जाते हैं. हालात के अनुसार सुरक्षाकर्मियों की संख्या बदलती रहती है, जिससे सुरक्षा को मजबूत बनाया जाता है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Monday, April 6, 2026
Delhi Assembly Security: दिल्ली विधानसभा जैसे संवेदनशील परिसर में हाल ही में हुई घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. गेट नंबर 2 को तोड़कर एक गाड़ी का अंदर घुस जाना और स्पीकर की गाड़ी पर स्याही फेंककर फरार हो जाना, यह दिखाता है कि कहीं न कहीं सुरक्षा में चूक हुई है. यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि एक संकेत है कि देश की राजधानी के अहम संस्थानों की सुरक्षा को लेकर लगातार सतर्क रहने की जरूरत है. ऐसे मामलों के बाद आम जनता के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर इस सुरक्षा की जिम्मेदारी किसके पास होती है और यह व्यवस्था कैसे काम करती है.
किसके हाथ में होती है सुरक्षा की कमान
दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा का मुख्य जिम्मा दिल्ली पुलिस के पास होता है. खासतौर पर इसकी सिक्योरिटी यूनिट इस काम को संभालती है, जो राजधानी के सभी हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील स्थानों की निगरानी करती है. इसमें सरकारी इमारतें, प्रमुख कार्यालय और अन्य महत्वपूर्ण संस्थान शामिल होते हैं. दिल्ली पुलिस सीधे केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है, जो इसे अन्य राज्यों की पुलिस से अलग बनाता है. इसका फायदा यह होता है कि राष्ट्रीय स्तर के खतरों से निपटने में बेहतर तालमेल और तेज निर्णय संभव हो पाते हैं.
सिर्फ एक एजेंसी नहीं, कई स्तरों पर सुरक्षा
दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा केवल दिल्ली पुलिस तक सीमित नहीं होती. खास परिस्थितियों जैसे विधानसभा सत्र, चुनाव या बड़े विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाता है. ऐसे समय पर अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त टुकड़ियां भी तैनात की जाती हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके. सुरक्षा की यह बहु-स्तरीय व्यवस्था इस बात को सुनिश्चित करती है कि हर संभावित खतरे से निपटने के लिए पर्याप्त तैयारी हो. हाल की घटना के बाद भी सुरक्षा को और सख्त किया गया है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके.
कितने सुरक्षाकर्मी रहते हैं तैनात
अगर सुरक्षाकर्मियों की संख्या की बात करें तो दिल्ली पुलिस की सिक्योरिटी यूनिट में करीब 6800 से ज्यादा जवान शामिल हैं. हालांकि ये सभी केवल विधानसभा के लिए नहीं होते, बल्कि राष्ट्रपति भवन, संसद और प्रधानमंत्री आवास जैसे कई अति-संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा में भी तैनात रहते हैं. विधानसभा परिसर में सुरक्षाकर्मियों की संख्या तय नहीं होती, बल्कि यह हालात के अनुसार बदलती रहती है. सामान्य दिनों में एक संतुलित सुरक्षा व्यवस्था रहती है, लेकिन जैसे ही कोई विशेष सत्र या हाई अलर्ट की स्थिति होती है, वहां जवानों की संख्या बढ़ा दी जाती है. यही लचीलापन सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाता है.
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