संविधान अंगीकार के 75 वर्ष पूर्ण होने पर राष्ट्रपति ने कहा- हमारा संविधान लोकतंत्र की सुदृढ़ आधारशिला

Authored By: सतीश झा

Published On: Tuesday, November 26, 2024

president murmu constitution anniversary speech
president murmu constitution anniversary speech

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संविधान अंगीकार किए जाने के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित भव्य समारोह को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने भारतीय संविधान को देश के लोकतांत्रिक गणराज्य की सुदृढ़ आधारशिला बताते हुए इसके महत्व पर प्रकाश डाला।

Authored By: सतीश झा

Last Updated On: Tuesday, November 26, 2024

राष्ट्रपति ने कहा कि हमारा संविधान एक जीवंत और प्रगतिशील दस्तावेज है। हमारे दूरदर्शी संविधान निर्माताओं ने बदलते समय की आवश्यकता अनुरूप नए विचारों को अपनाने की व्यवस्था बनाई थी। हमने संविधान द्वारा सामाजिक न्याय और समावेशी विकास से जुड़े कई महत्वाकांक्षी लक्ष्य हासिल किए हैं। एक नई सोच के साथ हम वैश्विक समुदाय के बीच भारत की नई पहचान स्थापित कर रहे हैं। हमारे संविधान निर्माताओं ने अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का निर्देश दिया था। आज हमारा देश अग्रणी अर्थव्यवस्था होने के साथ ही विश्व बंधु के रूप में भी अपनी उल्लेखनीय भूमिका निभा रहा है।

संविधान हमारी साझा विरासत: राष्ट्रपति

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा, “हमारा संविधान हमारे लोकतांत्रिक गणराज्य की सुदृढ़ आधारशिला है। यह केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह हमारे देश की आत्मा और हर नागरिक की आकांक्षाओं का प्रतीक है।”

संवैधानिक आदर्शों में सभी की भूमिका

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संविधान को प्रभावी बनाने में केवल कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका ही नहीं, बल्कि हर नागरिक की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने कहा, “हमारे संवैधानिक आदर्शों को कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका के साथ ही सभी नागरिकों की सक्रिय सहभागिता से शक्ति मिलती है।”

राष्ट्रपति ने कहा कि संविधान की भावना के अनुरूप, आम लोगों का जीवन बेहतर बनाने के लिए कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका को मिलकर काम करने का दायित्व मिला है। उन्होंने कहा कि संसद द्वारा पारित अनेक अधिनियमों में लोगों की आकांक्षाओं को अभिव्यक्ति मिली है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने समाज के सभी वर्गों, विशेषकर कमजोर वर्गों के विकास के लिए अनेक कदम उठाए हैं। ऐसे निर्णय से लोगों के जीवन में सुधार हुआ है और उन्हें विकास के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें यह जानकर प्रसन्नता हुई कि सर्वोच्च न्यायालय के प्रयासों से देश की न्यायपालिका न्यायिक प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास कर रही है।

युवाओं के लिए प्रेरणा

राष्ट्रपति ने संविधान दिवस समारोह को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को हमारे राष्ट्र के संस्थापक दस्तावेज के बारे में जागरूक करते हैं और उनमें संवैधानिक मूल्यों के प्रति समझ विकसित करते हैं। “संविधान दिवस समारोह हमारे युवाओं को राष्ट्र के संस्थापक दस्तावेज – संविधान के बारे में जागरूकता बढ़ाने में सहायक रहा है।”

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

संविधान दिवस 26 नवंबर को मनाया जाता है, जब 1949 में संविधान सभा ने भारतीय संविधान को अंगीकार किया था। इस वर्ष का समारोह 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में विशेष रूप से आयोजित किया गया, जो भारतीय लोकतंत्र की मजबूती और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

राष्ट्रपति ने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे संवैधानिक मूल्यों को आत्मसात करें और देश की प्रगति में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि यह संविधान ही है जो हमें विविधता में एकता के सूत्र में बांधता है।

About the Author: सतीश झा
सतीश झा की लेखनी में समाज की जमीनी सच्चाई और प्रगतिशील दृष्टिकोण का मेल दिखाई देता है। बीते 20 वर्षों में राजनीति, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचारों के साथ-साथ राज्यों की खबरों पर व्यापक और गहन लेखन किया है। उनकी विशेषता समसामयिक विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना और पाठकों तक सटीक जानकारी पहुंचाना है। राजनीति से लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्दों तक, उनकी गहन पकड़ और निष्पक्षता ने उन्हें पत्रकारिता जगत में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है
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