अब योगी सरकार एनीमिया के खिलाफ सहजन के उपयोग को बढ़ावा देगी

अब योगी सरकार एनीमिया के खिलाफ सहजन के उपयोग को बढ़ावा देगी

Authored By: सतीश झा

Published On: Tuesday, January 21, 2025

Updated On: Wednesday, February 5, 2025

Ab Yogi Sarkar Anemia ke khilaf Sahjan ke upyog ko badhava degi.
Ab Yogi Sarkar Anemia ke khilaf Sahjan ke upyog ko badhava degi.

योगी सरकार महिलाओं और किशोरियों में एनीमिया की समस्या से निपटने के लिए सहजन के उपयोग को बढ़ावा देने जा रही है। इसके तहत एक व्यापक अभियान चलाया जाएगा, जिससे कुपोषण से संबंधित मुद्दों पर जागरूकता फैलेगी और महिलाओं व किशोरियों का स्वास्थ्य बेहतर होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहजन के उपयोग को प्रोत्साहित करते आए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए गोरखपुर, वाराणसी और झांसी के 35 ब्लॉकों में सहजन के वृक्षारोपण और इसके उपयोग को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल की जाएगी।

Authored By: सतीश झा

Updated On: Wednesday, February 5, 2025

Anemia prevention: राज्य परिवार नियोजन सेवा अभिनवीकरण परियोजना एजेंसी (सिफ्सा) और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के सहयोग से यह परियोजना पोषण माह के दौरान शुरू की गई थी। परियोजना के उद्घाटन के साथ ही सहजन (Drumstick) के उपयोग और फायदे पर जागरूकता फैलाने के लिए ऑनलाइन अभियान शुरू किया गया, और 9569703306 व्हाट्सएप हेल्पलाइन भी लांच की गई, ताकि लोगों को सहजन के फायदे और उपयोग के बारे में जानकारी मिल सके।

एनीमिया से जुड़े आंकड़े

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे–5 के अनुसार प्रदेश में 15 से 49 वर्ष की लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से ग्रसित हैं। वहीँ छः माह से पांच वर्ष तक के लगभग 66 प्रतिशत बच्चे एनीमिक हैं। विभिन्न शोध पत्रों एवं आधुनिक वैज्ञानिक अध्ययन से स्पष्ट है कि सहजन पोषण का भंडार है। सहजन (Drumstick) का हर भाग उपयोगी, भंडारित कर बाद में भी प्रयोग कर सकते हैं।

सहजन (Drumstick) का उपयोग

  • सहजन (Drumstick) को सलाद, सूप या पत्तेदार सब्जियों के रूप में आहार में शामिल किया जा सकता है।
  • सहजन के पत्तों का पाउडर बनाकर इसे दूध या अन्य खाद्य पदार्थों में मिलाकर भी सेवन किया जा सकता है।
  • एनीमिया से ग्रस्त लोगों को सहजन का सेवन नियमित रूप से करना चाहिए, क्योंकि यह न केवल आयरन की कमी को पूरा करता है बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है।
  • सहजन की पत्तियों को पेड़ से तोड़कर छाया में सुखाएं, कूटकर बारीक करके छानकर रख लें। फिर इस चूर्ण को सब्जी में मसाले की तरह प्रयोग करें। इसके साथ काढ़ा बनाकर आटे में गूंथकर प्रयोग किया जा सकता है।

सहजन (Drumstick) के फायदे

सहजन को चमत्कारी स्वास्थ्य वृक्ष माना जाता है, क्योंकि इसमें अत्यधिक पौष्टिकता और औषधीय गुण होते हैं, जो कई पोषण संबंधित समस्याओं और बीमारियों से निपटने में सहायक होते हैं, खासकर एनीमिया जैसी समस्या से। सहजन के पत्ते, फल और बीज सभी पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, जिनमें आयरन, कैल्शियम, विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करने और रक्त निर्माण में मदद करते हैं। हाल ही में हुए अध्ययनों से यह साबित हुआ है कि सहजन का नियमित सेवन एनीमिया के लक्षणों को कम करने में सहायक होता है।

सहजन (Drumstick) से मिलने वाले पोषण तत्व

सहजन की 100 ग्राम पत्तियों में दही से 9 गुना ज्यादा प्रोटीन, संतरे से 7 गुना ज्यादा विटामिन C, गाजर से 4 गुना ज्यादा विटामिन A, केले से 15 गुना ज्यादा पोटैशियम, पालक से 25 गुना ज्यादा आयरन और दूध से 17 गुना ज्यादा कैल्शियम पाया जाता है।

सिफ्सा के उपमहाप्रबंधक दिग्विजय त्रिवेदी ने बताया कि गोरखपुर, वाराणसी और झांसी के जिलों में पोस्टर और बैनर के माध्यम से सहजन के उपयोग को लेकर जागरूकता फैलाई जाएगी। इसके साथ ही इन जिलों के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर सहजन के लाभों पर आधारित वॉल पेंटिंग बनाई जाएगी, ताकि ग्रामीण जनता और किशोरियों तक जानकारी पहुंच सके। नवविवाहित दंपतियों को दी जाने वाली ‘शगुन किट’ में परिवार नियोजन सामग्री के साथ सहजन के फायदे वाला लीफलेट भी शामिल किया जाएगा, जिससे गर्भावस्था के दौरान सहजन के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।

प्रतिभागियों को पुरस्कार

परियोजना के तहत जनपद के तीन विकास खंडों में सर्वाइवल दर और नवाचार के आधार पर प्रतिभागियों को पुरस्कार दिया जाएगा। इसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार सहित सांत्वना पुरस्कार भी दिए जाएंगे। इसके अलावा, समुदाय स्तर पर गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए मासिक और त्रैमासिक ऑनलाइन बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनमें आशा संगिनियां, बीसीपीएम और अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

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About the Author: सतीश झा
सतीश झा की लेखनी में समाज की जमीनी सच्चाई और प्रगतिशील दृष्टिकोण का मेल दिखाई देता है। बीते 20 वर्षों में राजनीति, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचारों के साथ-साथ राज्यों की खबरों पर व्यापक और गहन लेखन किया है। उनकी विशेषता समसामयिक विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना और पाठकों तक सटीक जानकारी पहुंचाना है। राजनीति से लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्दों तक, उनकी गहन पकड़ और निष्पक्षता ने उन्हें पत्रकारिता जगत में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है
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