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अश्लील कंटेंट को लेकर केंद्र सरकार कर रही है बड़ी तैयारी, जांच के लिए सख्त कानून की आवश्यकता पर जोर
Authored By: सतीश झा
Published On: Wednesday, November 27, 2024
Last Updated On: Wednesday, November 27, 2024
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज सोशल मीडिया पर अश्लील सामग्री की जांच के लिए सख्त कानून की आवश्यकता पर जोर दिया। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान सांसद अरुण गोविल के सवालों का जवाब देते हुए वैष्णव ने कहा कि भारत की संस्कृति और उन देशों की संस्कृति में बड़ा अंतर है, जहां से ये सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म संचालित होते हैं।
Authored By: सतीश झा
Last Updated On: Wednesday, November 27, 2024
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण, रेल और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnav) ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफार्मों को विनियमित करने वाले मौजूदा कानूनों को मजबूत करने की तत्काल आवश्यकता है।
संपादकीय जांच से लेकर अनियंत्रित अभिव्यक्ति तक
इस विषय पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम सोशल मीडिया (Social Media) और ओटीटी प्लेटफॉर्म (OTT Platforms) के युग में रह रहे हैं। हालांकि लोकतांत्रिक संस्थाएं और प्रेस के पारंपरिक रूप जो कभी जवाबदेही और सामग्री की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए संपादकीय जांच पर निर्भर थे, समय के साथ अब इसमें कमी आई है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया प्रेस की स्वतंत्रता का मंच तो बन गया है लेकिन इस तरह की संपादकीय निगरानी नहीं होने से यह अनियंत्रित अभिव्यक्ति का स्थान भी बन गया है जिसमें अक्सर अशोभनीय सामग्री शामिल होती है।
सख्त कानूनों पर आम सहमति
भारत और इन प्लेटफॉर्म की उत्पत्ति वाले भौगोलिक क्षेत्रों के बीच अलग-अलग सांस्कृतिक भिन्नताओं को स्वीकार करते हुए श्री वैष्णव ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक संवेदनशीलता उन क्षेत्रों से बहुत अलग है जहां ये प्लेटफॉर्म बनाए गए थे। इसलिए भारत के लिए मौजूदा कानूनों को और अधिक सख्त बनाना अनिवार्य हो जाता है। उन्होंने सभी से इस मामले पर आम सहमति बनाने का आग्रह किया।
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मंत्री महोदय ने संसदीय स्थायी समिति से इस महत्वपूर्ण मुद्दे को प्राथमिकता के तौर पर लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस चुनौती से निपटने के लिए सामाजिक सहमति होनी चाहिए और सख्त कानून भी बनाए जाने चाहिए।














