World Oral Health Day 2025: हेल्दी मेंटल हेल्थ के लिए दांतों और मसूढ़ों को भी रखना होगा मजबूत

World Oral Health Day 2025: हेल्दी मेंटल हेल्थ के लिए दांतों और मसूढ़ों को भी रखना होगा मजबूत

Authored By: स्मिता

Published On: Thursday, March 20, 2025

Updated On: Thursday, March 20, 2025

एक महिला अपने मजबूत दांतों से अखरोट तोड़ने की कोशिश कर रही है, जिससे ओरल हेल्थ और मजबूत मसूड़ों के महत्व को दर्शाया गया है।
एक महिला अपने मजबूत दांतों से अखरोट तोड़ने की कोशिश कर रही है, जिससे ओरल हेल्थ और मजबूत मसूड़ों के महत्व को दर्शाया गया है।

World Oral Health Day 2025: हर साल 20 मार्च को वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे मनाया जाता है. डॉक्टर यह साबित कर चुके हैं कि दांतों और मसूढ़ों को स्वस्थ रखने पर मेंटल हेल्थ भी बढ़िया रहता है. इसलिए इस साल की थीम भी यही है-मेंटल हेल्थ और ओरल हेल्थ एक-दूसरे से जुड़े हैं.

Authored By: स्मिता

Updated On: Thursday, March 20, 2025

World Oral Health Day 2025 : मौखिक स्वास्थ्य यानी ओरल हेल्थ (Oral Health) को समग्र स्वास्थ्य, वेलनेस और जीवन की गुणवत्ता से जोड़ कर देखा जाता है. वर्ल्ड हेल्थ ओर्गेनाइज़ेशन (WHO) इस बात पर जोर डेता है कि ओरल हेल्थ डिजीज दुनिया भर में सबसे आम गैर-संचारी रोगों (Non Communicable Disease) में से एक है. एक अनुमान के मुताबिक़, 350 करोड़ लोग ओरल हेल्थ डिजीज से प्रभावित हैं. दुनिया भर के लोगों को ओरल हेल्थ के प्रति जागरूक करने के लिए ही 20 मार्च को वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे (World Oral Health Day 2025) मनाया जाता है.

वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे 2025 थीम (World Oral Health Day 2025 Theme)

इस वर्ष वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे की थीम है -एक स्वस्थ मुंह वाले के पास ही खुश मन होता है (A Happy Mouth is a Happy Mind). मन हमारे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा है. इसलिए वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे 2025 की थीम (World Oral Health Day 2025 Theme) मौखिक स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य के बीच संबंध पर जोर देती है.

दक्षिण-पूर्व एशिया में 90 करोड़ लोग मुंह की बीमारी से ग्रस्त (Oral Health Disease)

विश्व स्वास्थ्य संगठन वैश्विक ओरल हेल्थ बैठक में इस बात पर बार-बार जोर देता है कि मौखिक स्वास्थ्य के बिना स्वस्थ होना संभव नहीं है. ओरल हेल्थ संबंधी रोग शारीरिक लक्षण, काम करने की क्षमता और भावनात्मक, मानसिक और सोशल वेलनेस पर भी हानिकारक प्रभाव डालते हैं. WHO के अनुसार, ओरल डिजीज के सबसे ज्यादा मामले दक्षिण-पूर्व एशिया में सामने आते हैं. इस क्षेत्र में लगभग 90 करोड़ लोग मुंह की बीमारी से ग्रस्त हैं. इन क्षेत्रों में ओरल कैंसर का बोझ सबसे ज़्यादा है. खासकर पुरुषों में यह होने वाला सबसे बड़ा कैंसर है. सभी कैंसर मामलों का यह 11.2% है. दक्षिण-पूर्व एशिया में मौखिक कैंसर पैदा करने वाले कार्सिनोजेन्स, जैसे कि धुआं रहित तम्बाकू या सुपारी का सेवन सबसे अधिक करते हैं.

यहां हैं ओरल हेल्थ को मजबूती देने वाले उपाय (Preventive Tips for Oral Health)

दिन में दो बार ब्रश करें (Brush your teeth twice a day)

journal of oral health and dentistry research के अनुसार, अपने दांतों की सफाई दिन में दो बार ब्रश से करें. दांतों को दिन में दो बार फ्लोराइड टूथपेस्ट से ब्रश करें. इन्हें साफ रखने के तरीके के बारे में सही जानकारी प्राप्त कर उसे अमल में लाएं.

दांतों के बीच की सफ़ाई करें (Clean between your teeth)

दांतों के बीच में जमे भोजन, गंदगी और प्लाक को हटाने के लिए हर दिन फ़्लॉस या इंटरडेंटल ब्रश का उपयोग करें. चीनी का सेवन कम करें

हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं (Healthy Lifestyle)

स्वस्थ जीवनशैली अपनायें, जिसमें अच्छा खाना, धूम्रपान न करना और शराब और चीनी का सेवन सीमित करना शामिल है. यह आपके पूरे शरीर के लिए अच्छा है, जिसमें आपके दांत, मसूड़े और मुंह भी शामिल हैं.

बच्चे के दांत निकलते ही उन्हें ब्रश करें (Brush baby teeth)

journal of oral health and dentistry research के अनुसार, बच्चे के दांत निकलते ही उन्हें ब्रश करना शुरू करें. मीठे खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों से उनके दांतों को बचाएं. बच्चों को दांत साफ करने की आदत डालें. बच्चे के दांत की अच्छी सेहत के लिए नियमित दिनचर्या अपनाकर उसे जीवन भर स्वस्थ रखने में मदद करें.

नियमित रूप से दांत की जांच कराएं (regular Oral health check-ups)

अपने दंत चिकित्सक से नियमित रूप से जांच कराएं. जांच करवाने के लिए जाना टालें नहीं. समस्याओं का जल्दी पता लग जाने से उनका इलाज आसान हो सकता है. अगर समस्याओं का इलाज नहीं किया जाता है, तो वे नुकसान पहुंचा सकती हैं. जिसकी मरम्मत करना मुश्किल या असंभव भी हो सकता है. दंत चिकित्सा के लिए फिलिंग और रूट कैनाल उपचार अपनाएं.

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About the Author: स्मिता
स्मिता धर्म-अध्यात्म, संस्कृति-साहित्य, और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर शोधपरक और प्रभावशाली पत्रकारिता में एक विशिष्ट नाम हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव समसामयिक और जटिल विषयों को सरल और नए दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करने में उनकी दक्षता को उजागर करता है। धर्म और आध्यात्मिकता के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और साहित्य के विविध पहलुओं को समझने और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने में उन्होंने विशेषज्ञता हासिल की है। स्वास्थ्य, जीवनशैली, और समाज से जुड़े मुद्दों पर उनके लेख सटीक और उपयोगी जानकारी प्रदान करते हैं। उनकी लेखनी गहराई से शोध पर आधारित होती है और पाठकों से सहजता से जुड़ने का अनोखा कौशल रखती है।
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