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नीतीश कुमार का कबूुलनामा, महागठबंधन के साथ 2 बार जाकर गलती की, अब नहीं करेंगे
नीतीश कुमार का कबूुलनामा, महागठबंधन के साथ 2 बार जाकर गलती की, अब नहीं करेंगे
Authored By: सतीश झा
Published On: Sunday, March 30, 2025
Updated On: Sunday, March 30, 2025
बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी एकजुटता प्रदर्शित की और साफ तौर पर कहा कि वे दोबारा सरकार बनाएंगे. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) के बिहार दौरे के दौरान गठबंधन के प्रमुख नेताओं ने एकस्वर में कहा कि वे मिलकर 2025 के चुनाव में जीत हासिल करेंगे और राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे.
Authored By: सतीश झा
Updated On: Sunday, March 30, 2025
NDA in Bihar: अब गलती नहीं करेंगे- CM नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, “हमने वहां (महागठबंधन) 2 बार जाकर गलती की. अब हमने फैसला किया है कि ऐसा दोबारा कभी नहीं होगा. यह गलत है. मुझे मुख्यमंत्री किसने बनाया? अटल बिहारी वाजपेयी ने मुझे मुख्यमंत्री बनाया था. हम कैसे भूल सकते हैं?”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) की बिहार यात्रा न केवल सियासी रूप से अहम रही, बल्कि इसने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की एकजुटता को भी प्रदर्शित किया. इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने खुलकर NDA के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की और स्पष्ट किया कि गठबंधन पूरी तरह संगठित है. यह संदेश न केवल सहयोगी दलों को बल्कि विपक्ष को भी साफ तौर पर दिया गया कि NDA अगला चुनाव मजबूती से लड़ने के लिए तैयार है।
इसी कड़ी में, NDA के एक अन्य प्रमुख नेता और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने भी गठबंधन की मजबूती को रेखांकित किया. मीडिया से बातचीत में उन्होंने विपक्ष को ‘बिखरा हुआ’ करार देते हुए दावा किया कि NDA एक ऐतिहासिक जीत की ओर बढ़ रहा है. बिहार में चुनावी माहौल गरमाने के साथ ही NDA ने अपनी रणनीति तेज कर दी है. चिराग पासवान के इस बयान से यह स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि भाजपा, जदयू और लोजपा (रामविलास) सहित अन्य घटक दल मिलकर राज्य में फिर से सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत झोंकने को तैयार हैं.
नीतीश कुमार का बड़ा बयान: महागठबंधन में जाना गलती थी, अब नहीं होगी वापसी
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने एक अहम बयान देकर सियासी हलचल तेज कर दी. उन्होंने साफ शब्दों में स्वीकार किया कि महागठबंधन में दो बार शामिल होना एक गलती थी, जिसे अब कभी नहीं दोहराया जाएगा. अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए यह भी कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री बनने का मौका सबसे पहले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने दिया था, जिसे वह कभी नहीं भूल सकते. नीतीश कुमार ने कहा, “हमने वहां (महागठबंधन) दो बार जाकर गलती की. अब हमने फैसला किया है कि ऐसा दोबारा कभी नहीं होगा। यह गलत था. मुझे मुख्यमंत्री किसने बनाया? अटल बिहारी वाजपेयी ने मुझे मुख्यमंत्री बनाया था. हम कैसे भूल सकते हैं?”
चुनाव वर्ष में NDA की मजबूती, विपक्ष बिखरा हुआ : चिराग पासवान
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने कहा है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) आगामी विधानसभा चुनाव में मजबूती से आगे बढ़ रहा है, जबकि विपक्ष आंतरिक कलह से जूझ रहा है. उन्होंने कहा, “यह चुनाव का वर्ष है और NDA गठबंधन पूरी एकजुटता और मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है. कुछ समय पहले दिल्ली में भी NDA के तमाम नेताओं के बीच रणनीतिक बातचीत हुई थी और अब गृह मंत्री अमित शाह स्वयं बिहार में मौजूद हैं. यह दर्शाता है कि हमारा गठबंधन संगठित और लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है.”
चिराग पासवान ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके बीच आपसी खींचतान और वर्चस्व की लड़ाई चल रही है, जिससे उनकी कमजोरी साफ नजर आ रही है. उन्होंने कहा, “जहां एक तरफ हमारा गठबंधन मजबूती से आगे बढ़ रहा है, वहीं विपक्ष बिखरा हुआ नजर आ रहा है. यह लड़ाई केवल सत्ता की नहीं, बल्कि बिहार के विकास की है. NDA इसमें एक ऐतिहासिक जीत की ओर अग्रसर है.”
NDA को मजबूती, विपक्ष की चिंता बढ़ी
नीतीश कुमार के बयान के बाद NDA में और मजबूती देखने को मिलेगी, क्योंकि यह गठबंधन पहले से ही अमित शाह (Amit Shah) और भाजपा (BJP) के शीर्ष नेतृत्व की रणनीति के तहत 2025 विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रहा है. वहीं, महागठबंधन में नेतृत्व और रणनीति को लेकर पहले से ही असमंजस बना हुआ है, जिसे अब और मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.
नीतीश कुमार के इस बयान से साफ संकेत मिल रहा है कि वह अब पूरी तरह NDA के साथ हैं और आने वाले चुनाव में भाजपा, जदयू, लोजपा (रामविलास) और अन्य सहयोगी दल मिलकर मजबूत लड़ाई लड़ेंगे. अब देखना यह होगा कि विपक्ष इस चुनौती का सामना कैसे करता है और क्या वे अपनी खोई हुई एकता को फिर से हासिल कर पाते हैं या नहीं.